अंतरराष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA), अनातोलिया समाचार एजेंसी द्वारा उद्धृत, मोहम्मद Gormez, तुर्की के धार्मिक मामलों के प्रमुख ने कल 9 मई को, मालिक शिआर, त्रिपोली और उत्तरी लेबनान के मुफ्ती, के साथ एक बैठक के दौरान, इस्लामी दुनिया के मौजूदा घटनाक्रमों पर चर्चा की।
मोहम्मद Gormez ने इस मुलाक़ात में उन अप्रिय घटनाओं की ओर जो हाल के दिनों में मुस्लिम दुन्या में हुईं इशार करते हुऐ कहा: मुस्लिम दुन्या में यह घटनाऐं कुछ आंतरिक व बाहरी कारकों से प्रभावित हैं और इस समय धार्मिक संसथाओं व संगठनों पर इन कारकों से मुक़ाबला करने की गंभीर जिम्मेदारी हैं।
तुर्की के धार्मिक मामलों के प्रमुख ने सपष्ट किया:इस्लामी दुन्या में आंतरिक कारकों में से ऐक कुछ अतिवादी समूह हैं जो धर्म के नाम का गलत उपयोग करके अपने कार्यों को वैधता का लिबास पहनाते हैं और घृणा के बढ़ावे व आतंकवाद के प्रसार का कारण होते हैं जब कि भी कुछ झूठे फ़तवों के असर को
याद नहीं किया जाना चाहिए। वह फ़तवे जो कि इस तरह के अनुचित कार्यों को वैधता देते हैं, इस्लाम से प्राप्त नहीं किऐ जाते हैं।
इराक और अफगानिस्तान पर कब्ज़ा; दाइश के पैदा होने का कारण
उन्हों ने क्षेत्र में दाइश और आतंकवादी समूहों के पैदा होने का मुख्य बाहरी कारक इराक और अफगानिस्तान के कब्ज़े को बताया और कहा: यदि अफगानिस्तान और इराक पर कब्जा न किया गया होता तो आज दाइश, तालिबान, अलकायदा और अन्य आतंकवादी व उग्रवादी समूह क्षेत्र में दिखाई न देते।
मोहम्मद Gormez ने अपने भाषण के दूसरे हिस्से में बसने वाले यहूदियों के अल-अक्सा मस्जिद पर आक्रमण की चर्चा करते हुए कहा: दुर्भाग्य से हर दिन हम अल अक्सा मस्जिद पर बसने वाले यहूदियों के हमलों को देख रहे हैं। इस्लामी दुनिया को अपने दृष्टकोंण और प्रदर्शन की समीक्षा करनी चाहिए।