अंतर्राष्ट्रीय कुरान समाचार ऐजेंसी(IQNA)33वीं अंतरराष्ट्रीय कुरान प्रतियोगिता में भाग लेने वालों व मेहमानों ने पहले दौरों की प्रक्रिया के अनुसार, आज सुबह, बुधवार, 18 मई को, धार्मिक स्थल, इमाम खुमैनी (आरए) में उपस्थित होकर सर्वोच्च नेता के साथ मुलाकात की।
हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनइ ने अपनी टिप्पणी की शुरुआत में, कहा; कि आज की बैठक शीरीं व पसंदीदा थी। मैं ने अपने महबूब पुरुषों और युवाओं के सस्वर पाठ और कुरानी कला का आनंद लिया।
उन्होंने विभिन्न देशों से आऐ हुऐ अतिथियों जैसे कुरानी प्रशिक्षकों और प्रतिभागियों का स्वागत किया।
क्रांति के सुप्रिम नेता ने इसी तरह फ़रमाया; इन क़ुरानी प्रतियोगिता के सत्रों का बड़ी अच्छाई यह है कि विभिन्न देशों के मुस्लिम भाईयों से आपस में मोहब्बत होती है,विभिन्न अहंकारी राजनीतियां बहुत प्रयास कर रही हैं कि हमें ऐक दूसरे से अलग करदें और मुस्लिम मिल्लतों को आपस में ऐक दूसरे से जूदा करदें,बल्कि उन्हें ऐक दूसरे के सामने करदें। मुस्लिम मिल्लतों को इसके विपरीत कार्य करना चाहिए, किसी भी तरह कैसे भी मुम्किन हो कोशिश करें कि आपस में मोहब्बत को अधिक बढ़ाऐं।
उन्होंने जोर देकर कहा: उनमें से एक रास्ता यह है कि ऐसी बैठकों कों का गठन करें, कुरान से जुड़े रहें, सभी मुसलमानों के लिए कुरान साझा और भगवान का महान आशीर्वाद व नेमत है।
हज़रत अयातुल्ला ख़ामेनइ ने कहा: इन बैठकों के आशीर्वाद में से एक यह है कि हमारे युवा, विभिन्न वर्गों के लोग कुरान के साथ मोहब्बत पैदा करते हैं। हम कुरान से दूर हैं, इस्लामी उम्म क़ुरान से दूर है,हमारे जीवन की वास्तविक्ताऐं क़ुरानी वास्तविक्ताओं से बहुत फ़ासला रखती हैं,हमें चाहिऐ कि हम अपने को निकट करें।
आप ने अपने भाषण के दूसरे हिस्से में कहा: दुर्भाग्य से, कुछ इस्लामी सरकारें अपने ही लोगों को धोखा दे रही हैं, कुछ इस्लामी सरकारें इस्लामी मिल्लतों को धोखा दे रही हैं और अमेरिका के घुसने का मैदान प्रदान कर रही हैं,यही आज की मुसलमानों की दुर्दशा है।
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