अंतरराष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) ने «डॉन»खबर के हवाले से बताया कि सरदार मोहम्मद यूसुफ ने कल 29 मई को मनसेहरा शहर में अकादमी सफा के सम्मेलन में अपने भाषण में कहा कि हम विज्ञान के शिखर को बिना कुरान के नहीं समझ सकते हैं इस लिए पाकिस्तान के स्कूलों के पाठ्यक्रम में कुरआन शिक्षा को शामिल किया जाना चाहिए ताकि छात्र विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सफलता हासिल करें।
उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने इस्लामी विद्वानों की एक परिषद के नेतृत्व में गठित किया ग़या है।
रिपोर्टो के अनुसार इस परियोजना के जारी होने के साथ ही, कुरान पढ़ने को प्राथमिक से माध्यमिक स्कूलों के उच्च शिक्षा से जोड़ दिया जाएगा