शौकत हुसैन, एक पाकिस्तानी डॉक्टर ने जो इमाम खुमैनी के निधन की 20वीं सालगिरह में भाग लेने के लिए तेहरान आऐ हैं, अंतर्राष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) के बात चीत में इस मतलब को बयान करने के साथ कहा: इमाम खुमैनी (र) ने अपने दुश्मनों के साथ क्रोध और सख़्ती और दोस्तों के साथ नरमी व मोहब्बत से मिलने में पवित्र पैगंबर (PBUH)की नीति को मॉडल बना कर ईरान को विश्व और क्षेत्र में बड़ी शक्ति के उपकरण में बदल दिया।
उन्होंने कहा: कि ईरानी लोगो अन्य देशों में लोगों की तुलना में बहुत अधिक शांति वाला रवैय्या रखते हैं और वे हमेशा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार अमल करते हैं।
शौकत हुसैन ने क्षेत्र में ईरान की भूमिका पर कहा; मध्य पूर्व की इस्लामी उम्मा को पैगंबर (PBUH)की दृष्ट के मुताबिक़ एक उम्मा को प्राप्त करने और ऐकता के लिए ईरानी नेता को इस्लामी नेतृत्व पैटर्न के रूप में क़ुबूल करना चाहिए और इस्लाम सहेजने के लिए एकमात्र तरीका ईरान के नेतृत्व और उनके लोगों की पैरवी को माडाल बनाना है।
उन्होंने कहा:कि ईरान ने वर्षों तक शाही गुमराह नीतियों से पीड़ित रहा और अपनी उसकी अर्थव्यवस्था बहुत निचले स्तर पर रही, लेकिन इमाम ख़ुमैनी (र)ने इस्लामी नेतृत्व और दुश्मन के मुक़बिल सख़्त नीति के साथ देश को हर तरह के ख़तरे के सामने मज़बूत बना दिया और अब दुनिया को जरूरत है कि दुश्मनों के खिलाफ विजय के लिए इमाम की नीति को मॉडल बनाऐं।
शौकत हुसैन ने ने अंत में पाकिस्तान-ईरान संबंधों की ओर इशारा किया और कहा: उम्मीद है कि हमारे संबंध हर दिन अतीत से अधिक अच्छे हों और ईरान हमेशा सफलतापूर्वक क्षेत्र के देशों के लिए इस्लामी नीतियों पर मार्गदर्शन के लिए एक रौशन दरीचे के रूप में रहनुमा हो।