
अंतरराष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) ने स्वतंत्र अखबार के अनुसार बताया कि सादिक खान पहले महापौर बनने के बाद यह सांस्कृतिक विविधता के प्रतीक के रूप में जाना जाता है।
खान का कहना है कि रमजान अविश्वास और गलतफहमी को खत्म करने का सबसे अच्छा मौका है। उन्होंने कहा कि मेरा इरादा है कि शहर के चर्चों और मस्जिदों में पारंपरिक इफ्तार आयोजित करें।
खान ने कहा कि लंदन जैसे शहर में सैकड़ों वर्ष से विचारों और संस्कृति के मुक्त आदान प्रदान की जग़ह है।
उन्होंने कहा: मेरे कई दोस्त हैं जो एकजुटता का एक संकेत के रूप में रोज़ा रख़ते है, उनके सभी काम बहुत दयालु होते हैं।