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Sarabi ने इक़ना के साथ बात चीत में कहा:

दक्षिण पूर्व एशिया के दर्शकों के लिए क़ुरआन का प्रकाशन

16:47 - July 10, 2016
समाचार आईडी: 3470568
साहित्य समूह: इस्लामी गणराज्य के कुरान के प्रकाशन और मुद्रण केंद्र के उपाध्यक्ष ने कहा: कि अरब दुन्या के पढ़ने वाले दर्शकों के लिए उपयुक्त क़ुरआन तैयार करने के बाद, अब दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्रों के विशिष्ट दर्शकों के लिऐ ऐराब लगाने व नुसख़ों के आधार पर इस्लामी गणराज्य के मुसहफ़ की तैयारी में हूं और जल्द ही प्रकाशित होगा.
दक्षिण पूर्व एशिया के दर्शकों के लिए क़ुरआन का प्रकाशन


दक्षिण पूर्व एशिया मुद्रित के दर्शकों के लिए क़ुरआन का प्रकाशन

सैय्यद अली सराबी इस्लामी गणराज्य के कुरान के प्रकाशन और मुद्रण केंद्र के उपाध्यक्ष ने अंतरराष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (इक़ना), के साथ एक साक्षात्कार में बताते हुए कि अरब दुन्या के पढ़ने वाले दर्शकों के लिए उपयुक्त सुविधा वाला क़ुरआन तैयार करने के बाद, अब दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्रों के विशिष्ट दर्शकों के लिऐ ऐराब लगाने व नुसख़ों के आधार पर इस्लामी गणराज्य के मुसहफ़ की तैयारी में हूं जो जल्द ही प्रकाशित होजऐगा, समझाया: विभिन्न देशों के लोगों की रीडिंग के आधार पर अलग-अलग जरूरतें हैं, और किसी भी क्षेत्र में उपयुक्त मुसहफ़ उस क्षेत्र की भाषा के अनुरूप होना चाहिऐ, इस बिना पर पहले कदम मे क़ुरआन तैयारी में देश से बाहर अन्य देशों के मुसलमानों के लिए इस्लामी दुनिया के तीन क्षेत्र का ध्यान रखा है।
उन्होंने कहा: मुस्लिम दुनिया को तीन क्षेत्रों अरब, फ़ारसी भाषा और दक्षिण पूर्व एशिया (जो भारतीय उपमहाद्वीप, बांग्लादेश, पाकिस्तान, और उत्तर क्षेत्र जैसे इंडोनेशिया और मलेशिया पर शामिल हैं)में बांटा है और प्रत्येक के लिऐ उस क्षेत्र में रायज उचित, सामान्य तरीक़े से पढ़ने केलिऐ ऐराब के अनुसार इस्लामी गणराज्य का क़ुरआन हम ने तैयार किया है. पहले कदम में अरबी में रायज क़ानून के मुताबिक क़ुरआन को अरबी क्षेत्र के लिऐ तैय्यार किया है, कि 500 हजार प्रतियां मुद्रित कीं और अरब देशों में, वितरित किया गया है, और उसकी फाइल अन्य अरबी देशों के प्रकाशकों के हाथ में दे दिया जिन में लेबनानी प्रकाशक भी है कि जरूरत के समय उचित मूल्य पर इसे प्रकाशित करें.
Sarabi ने कहा, अगले चरण में, दक्षिण-पूर्व एशिया के पढ़ने वालों के उचित क़ुरआन तैयारी के लिए एजेंडे पर है । यह क्षेत्र लाइन, और सुलेख व पांडुलिपियों के ऐतेबार से ख़ास है तो इन देशों के नुस्खे के मुताबिक़ क़ुरआन व उस क्षेत्र में उचित ऐराब लगाने के आधार वर्तमान में तैयारी हूं जो जल्द ही इंशाअल्लाह तैयार हो जाऐगा।

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