अंतरराष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) सांस्कृतिक नेटवर्क "Alalvkh" के हवाले से बताया कि जिम्बाब्वे के मुफ्ती "मोहम्मद असलम और राजधानी "हरारे" के इस्लामी स्कूल के प्रिंसिपल ने जोर देकर कहा कि जिम्बाब्वे की मुस्लिम आबादी वर्तमान में 400 हजार के करीब है और यहा 350 मस्जिदें हैं लेकिन ज्यादातर मुसलमानों के लिए अंग्रेजी भाषा के कुरान संस्करण मौजूद नहीं है।
उन्होंने कहा कि मुसलमानों के लिए पवित्र कुरान की प्रतियां जो अक्सर कम पड़ती हैं तो इस से यह लोग़ प्रभावित होते है।
मोहम्मद असलम ने कहा कि जिम्बाब्वे में मुसलमान 80 प्रतिशत से अधिक लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं और उनमें से ज्यादातर खेत में काम करते हैं वे अपने धर्म को जिम्बाब्वे मे पालन करते है, लेकिन अंग्रेजी अनुवाद वाले कुरान की प्रतियों की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
जिम्बाब्वे के मुफ्ती ने कहा कि इस देश के मुसलमानों को कभी-कभी पवित्र कुरान की तिलावत करने के लिए मजबूर होते हैं न्यूनतम निकटतम मस्जिद 10 किलोमीटर की दूरी चल कर जाते हैं।
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