अंतरराष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) ने अल-मस्दर खबर के हवाले से बताया कि यह यहूदी शासन की पुस्तकालय कई स्थलों के वैज्ञानिकों और विद्वानों कि गोपनीय जानकारी की इस जगह पर मूल्यवान किया जाता है।
एक इजरायली अखबार की रिपोर्ट के अनुसार इस पुस्तकालय में 120 साल पहले की तारीख़ है इसी तरह नौवीं सदी की सबसे पुराने कुरान के 100 संस्करण भी मौजुद हैं।
इजरायली मीडिया ने पहली बार पुस्तकालय में पांडुलिपियों का परिचय प्रसारित किया जिस पर कुछ शोधकर्ताओं ने इस संबंध में अरब दुनिया में स्मारकों को उठाया है।
पुस्तकालय यरूशलेम में स्थित है, और यहूदी कब्जे में है लेकिन अरब दुनिया के वैज्ञानिकों और विद्वानों सालाना तहकीक़ करने के लिए गोपनीय केंद्र में आते हैं।
पुस्तकालय में उपलब्ध पुराने संस्करणों के बीच, नौवीं शताब्दी की Kufic ख़त में तेरहवीं शताब्दी Mamluk युग में लिखा पांडुलिपिय है जो 1614 ईस्वी में "इमाद अल दीन शिराज़ी की लिख़ी है।

