
अंतरराष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) खबर साइट " बहरीन अलयौम " के हवाले से, बहरीनी लोगों ने आले-खलीफा की दुशमनी की प्रतिक्रिया में Ashoura के प्रतीकों के साथ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के आयोजन के साथ इस शासन के बुरे कृत्यों के खिलाफ अपने दर्दनाक क्रोध को प्रस्तुत किया।
आशूरा समारोह के आयोजन में आले ख़लीफ़ा की दुशमनी व ज़ियदतियां इस देश के द्वारा अज़ाऐ हुसैनी की स्थापना में रुकावट न बन सकी बल्की उन्हों ने काले झंडे लगा कर और राजधानी (मनामा) देश के दूसरे शहरों में शोक दस्तों का गठन करके गिरफ़तार हुऐ लोगों और क्रांति के नेताओं और "सालेह रज्जब" नवेद्रात में हुसैनी एसोसिएशन के अध्यक्ष के फ़ोटू हाथ में उठाकर, "Issa Qassem,"के घर पर Ashura का समारोह और अन्य कार्यों को आयोजित करके इस शासन के अपराधों व आक्रामकता के ख़िलाफ़ Ashoura के प्रतीकों को पेश किया।
अभी अभी Ashura समारोह के लिए तैयारी कई क्षेत्रों में पूरी कर ली गई और अज़ादारी दस्ते "मौकबुश्शहीद" (शहीदों के अज़ादार), मुहर्रम के तमाम दिनों के दौरान विरोध प्रदर्शन "तल्बीयह" दसवें दिन, "महलमतुर्रायातुल हुसैनियह" (हुसैनी महाकाव्य के झंडे) ग्यारहवें दिन और विरोध प्रदर्शन "क़वासिमुल बहरीन" (बहरीन लोगों की अखंडता), विशेष समारोहों हैं जो इन दिनों में आयोजित किऐ जाऐंगे।