
अंतर्राष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) ने «thehindu» समाचार एजेंसी के अनुसार उद्धृत किया कि "जम्मू" राज्य में रहने वाले रोहिंग्या मुसलमानों के बारे में सीमा सुरक्षा के वरिष्ठ अधिकारियों और म्यांमार के मुख्य न्यायाधीश के साथ कल बैठक इस समस्या का समाधान खोजने के लिए आयोजित की ग़ई।
उन्होंने बैठक में कहा कि भारत सरकार "रोहिंग्या" मुस्लिम को प्रवासी के रूप में नही पहचानती है विदेशी नागरिकों के अधिनियम उनका रहना अवैध है इसी लिए वोह मजबूर हैं कि बांग्लादेश के सीमाओं या बंगाल के समुद्र के रास्ते से म्यांमार से जम्मू के राज्य में आएं।
जम्मू आवास मंत्री ने कहा कि विदेश मंत्रालय ने नागरिकों के समस्या को म्यांमार सरकार के साथ भारत सरकार ने रख़ा लेकिन भारत सरकार ने मुसलमानों के रूप में नागरिकता को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है।
जम्मू आवास मंत्री के अनुसार भारत में 40 हजार रोहिंग्या मुसलमान हैं जिन में से 5700 लोग जम्मू राज्य में रहते हैं।