
अंतरराष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) ने मुंबई में ईरान के सांस्कृतिक प्रतिनिधि के अनुसार उद्धृत किया कि भारत के मुस्लिम अल्पसंख्यकों में गरीबी शिक्षा के कमी की वजह है अल्पसंख्यकों के सचिव मुख्तार अब्बास नकवी ने मुस्लिम क्षेत्रों में 211 प्रशिक्षण केंद्र के स्थापना के लिए प्रस्ताव दिया है।
इस संबंध में एक समिति अफजल अमानुल्लाह के नेतृत्व में और मौलाना आजाद शिक्षा फाउंडेशन के समर्थन के साथ मूल्यांकन करने के बाद प्रशिक्षण केन्द्रों को बनाया जाएग़ा। समिति ने अपनी रिपोर्ट हाल ही में भारतीय अल्पसंख्यकों के मंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया।
रिपोर्ट में आया है कि प्रत्येक स्कूल के लिए 20 करोड़ रुपया की लागत आएग़ी अल्पसंख्यकों के लिए विभिन्न राज्यों में 25 स्कूलों और शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य और चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर पांच होगा विश्वविद्यालय बनाया जाएग़ा।
उम्मीद है कि सरकार के अल्पसंख्यक मंत्री अगले महीने पूरा रिपोर्ट प्रपत्र की जांच करेग़े।
2001 में भारत के शिक्षित मुसलमानों की सांख्या 1/59 प्रतिशत थी और 2011 में यह आंकड़ा 53/68 प्रतिशत हो ग़या लेकिन यह दर राष्ट्रीय औसत से काफी कम है।