IQNA

16:16 - August 02, 2017
समाचार आईडी: 3471677
अंतरराष्ट्रीय टीम: शक़ील अहमद मुनीर, वह आदमी है जिसने पहली बार पवित्र कुरान का माओरी भाषा में अनुवाद करने का प्रयास किया कल सुबह, 1अगस्त को पाकिस्तान में उनका निधन हो गया।

"माओरी" में कुरान के अनुवादक का निधन

अंतरराष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) समाचार साइट«माओरी टेलीविजन»के हवाले से, मुनीर 1932 में भारत के बिहार राज्य के "मुंगेर" शहर में पैदा हुऐ थे और पाकिस्तान में धर्म और विज्ञान के प्रोफेसर थे।

उन्हों नेह महान भारतीय उपमहाद्वीप, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड देशों सहित दुनिया के विभिन्न भागों में इस्लाम को बढ़ावा देने के प्रयास किए।

1980 के दशक के अंत में, अहमद मुनीर ने माओरी, न्यूजीलैंड के स्थानीय लोगों की भाषा में पवित्र कुरान के अनुवाद के लिए जिम्मेदारी स्वीकार की। वह कुछ वर्षों तक न्यूजीलैंड में भी रहे हैं।

इस से पहले तक, न्यूजीलैंड के मूल निवासी बहुत से मुसल्मान मुस्लिमों की पवित्र पुस्तक कुरान का कोई अनुवाद नहीं रखते थे।

अहमद मुनीर ने इस भाषा में कुरान का अनुवाद करने में विभिन्न तरीकों की जांच की लेकिन अंत में इस निष्कर्ष पर पंहुचे कि अस्ल मतलब को जहाँ तक संभव हो अदा करें तो अरबी, अंग्रेजी और माओरी को अच्छी तरह से सीखें।

तब अपने जीवन के कई साल माओरी भाषा सीखने में बिताए, और अंत में 20 साल के बाद कुरान का पूर्ण अनुवाद इस भाषा में पेश कर सके।

पूरे जीवन में बहुत सी उप्लब्धियों को पाने के बावजूद, मुनीर हमेशा विनम्र व्यक्ति थे और अपना समय और पैसा लोगों के लाभ के लिए खर्च किया करते थे।

अहमद मुनीर ने माओरी भाषा में क़ुरान अनुवाद परियोजना को निजी खर्चे पर पूरा किया। वह अपने जीवन के अंतिम वर्षों में अपने परिवार के साथ कराची पाकिस्तान में रह रहे थे और एक छोटी बीमारी के बाद कल सुबह निधन हो गया।

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