IQNA

16:07 - September 13, 2017
समाचार आईडी: 3471808
अंतर्राष्ट्रीय समूह: बांग्लादेशी प्रधान मंत्री ने म्यांमार सीमा पर रोहिंगिया शरणार्थी शिविर का दौरा किया, और कहा कि नाफ़ नदी अराकन के पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के शरीर से भरी हुए हैं।

बांग्लादेश फ्रंटियर नदी रोहंगया मुस्लिमों के शरीर से भरी है

अंतर्राष्ट्रीय कुरान समाचार ऐजेंसी (IQNA) ने अनातोली समाचार एजेंसी के हवाले से बताया, शेख हुसीना वाजिद बांग्लादेशी प्रधान मंत्री ने मुसलमानों के खिलाफ म्यांमार सेना द्वारा किए गए अपराधों का जिक्र करते हुए, कहाः कि निर्विवाद इस तरह के हमले और अमानीय कृत्य मानव अधिकारों का उल्लंघन है।

शेख हुसीना वाजिद ने बांग्लादेश और म्यांमार की सीमा पर कॉक्स मार्केट क्षेत्र में रोहंग्या के शरणार्थी शिविरों की यात्रा के दौरान कहाः कि इन लोगों को उनके नागरिक अधिकारों से वंचित किया गया है। ये लोग म्यांमार के नागरिक हैं और उनकी वापसी की स्थिति प्रदान की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि मुस्लिमों के खिलाफ उत्पीड़न और हिंसा को रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को म्यांमार सरकार पर दबाव डालना चाहिए।

25 अगस्त से म्यांमार के राख़ीन राज्य में रोहंग्या मुस्लिम अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ हिंसा की शुरूआत हुई, और सैकड़ों लोग मारे गऐ और करीब 400,000 मुस्लिम म्यांमार के पास बांग्लादेश भाग गए।

म्यांमार के बौद्ध देश में रोहिंग्या मुस्लिम अल्पसंख्यक 1982 से नागरिकता के अधिकार से वंचित हो गए हैं और बाद में उग्रवादियों और बौद्धों द्वारा बार-बार लक्षित किया गया है।

संयुक्त राष्ट्र ने म्यांमार में रोहिंग्या मुस्लिम अल्पसंख्यकों को दुनिया की मज़लूम तरन अल्पसंख्यक बताया है।

नाफ़ नदी बांग्लादेश और म्यांमार की सीमा पर है, और अब तक बहुत से रोहिंग्या मुसलमान नदी में डूब चुके हैं।

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