IQNA

15:49 - April 09, 2018
समाचार आईडी: 3472428
इंटरनेशनल ग्रुप - मलेशिया के एक धार्मिक अधिकारी ने देश में कुरानिक विश्वविद्यालय स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि अब समय आ गया है, ऐसे स्नातक छात्र हों जो न केवल अध्ययन के क्षेत्र में विशेषज्ञ हों बल्कि कुरान के हाफ़िज़ भी हों।
मलेशिया में अल-कुरान विश्वविद्यालय स्थापित करने का प्रयासIQNA की रिपोर्ट सलाम समाचार जानकारी डेटाबेस के अनुसार, हाय अब्दुर रहमान उस्मान,मलेशिया राज्य पहांग के मुफ्ती ने इस देश की राजनीतिक दलों में से एक दल, नेशनल फ्रंट की पहल, कुरान विश्वविद्यालय की स्थापना का स्वागत किया, कहाः कुरान विश्वविद्यालय की स्थापना, हाफ़िज़े कुरान स्नातकों के लिए हो सकता अधिक अवसर प्रदान करे।
इससे पहले, मलेशियाई नेशनल फ्रंट ने अपने नए संविधान के अनुसमर्थन समारोह में घोषणा की थी कि वह कलानंतन राज्य में अल-कुरान विश्वविद्यालय स्थापित करने की योजना बना रहा है। इसी तरह यह भी वादा किया था कि, 2050 तक, कुछ 125,000 हाफ़िज़े कुरान स्नातकों की उपाधि प्राप्त करने वालों को जो कि बुनियादी विज्ञान, गणित और इंजीनियरिंग जैसे अन्य क्षेत्रों में पेशेवर योग्यता का उच्च स्तर रखते हों,प्रशिक्षित करेगा।
डॉ अब्दुर रहमान उस्मान ने कहा: "कुरान एक बहुत व्यापक पुस्तक है, क्योंकि इसमें धार्मिक मामलों के अलावा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अन्य क्षेत्रों के अन्य क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। ऐसे विश्वविद्यालय की स्थापना दुनिया के मुसलमानों की भलाई के लिऐ है।
उन्होंने मलेशिया में कुरानिक अध्ययन विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा: "भारत और मिस्र जैसी अन्य देश मलेशिया की तुलना में कुरान के अध्ययन में अधिक उन्नत रखते हैं, और इन देशों में कुरान के हाफ़िज सैकड़ों हजार हदीसों को याद रखने में सक्षम हैं।
पेर्का राज्य के मुफ्ती हारूसानी ज़करया ने कहा कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना कुरान के विद्वानों को इस देश की ओर अधिकतम आकर्षित करने का कारण होगा।
इसी तरह मलेशियाई धार्मिक मामलों के अधिकारी वान अदली वान रमली ने इस देश के मुसल्मानों के इस क्षेत्र में शौक़ की ओर इशारा करते हुऐ कहा, इस विश्वविद्यालय की स्थापना कुरान में जनहित बढ़ाने और उन्हें सही तरीके से कुरान याद रखने में मदद करेगी।
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