
अंतर्राष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) ने आनातुली समाचार एजेंसी के अनुसार बताया कि येह लोग़ निष्पादन को रोकने के लिए अंग्रेजी, तुर्की और अरबी में तख्तियां लिए हुए थे और फांसी की सजा रोकने और "Sisi (मिस्र के राष्ट्रपति) हत्यारे जैसे नारे लगा रहे थे।
रैली के अंत में रिजवान काया (एसोसिएशन फॉर राइट्स ऑफ एजुकेशन एंड फ्री थॉट्स) के प्रमुख द्वारा पढ़े गए एक बयान मे कहा ग़या कि Sisi ने मोहम्मद मुर्सी (निर्वाचित राष्ट्रपति) के खिलाफ तख्तापलट के बाद मानव अधिकारों के हनन का जिक्र किया गया है।
याद रहे कि संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त मानवाधिकार प्रवक्ता रूपर्ट कोविल ने मिस्र में 15 लोगों के मारे जाने पर चिंता व्यक्त की है और मिस्र के अधिकारियों को फांसी देने से रोकने का आह्वान किया है।
मिस्र की अदालत ने 20 फरवरी को हिशाम बराकत (मिस्र के अटॉर्नी जनरल) की हत्या के लिए 9 लोगों को फांसी की सजा सुनाया। इस प्रकार इस साल फरवरी में 15 लोगों को फांसी दी ग़ई।
हिशाम बराकत जून 2015 में एक विस्फोट में मारे गए थे, जिससे उनके समूह को निशाना बनाया गया था। मुस्लिम ब्रदरहुड और हमास आंदोलन ने घोषणा की है कि उन्होंने घटना में कोई भूमिका नहीं निभाई है।
मिस्र के पहले निर्वाचित राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी की बर्खास्तगी के बाद से, जुलाई 2013 में जनरल अब्देल फतह सिसी के नेतृत्व में एक सैन्य तख्तापलट में विरोध और अशांति शुरू हो गई है।
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