
इंडोनेशिया से इकना के अनुसार बताया कि; इस पुस्तक का नाम "मुन्तख़बुल अहकाम" है मलय भाषा में अहमद मरज़ूकी अमीन द्वारा अनुवादित किया गया था।
साथ ही इसका संपादन शमसा अल-आरिफ और अकमल कमाल ने किया है और संघर्षकर्ता और मूल्यांकनकर्ता "सदरा पानरीता" और पेज लेआउट और बैक कवर डिजाइनर "एमी रुसीता" हैं।
इस पुस्तक में 630 पृष्ठ हैं और 1500 प्रतियां प्रिंट हुई है। इंडोनेशिया में कलोला प्रिंटिंग ने भी इसे छापना शुरू कर दिया है।
सर्वोच्च रहबर, अयातुल्ला खामनई (द.ज़.) द्वारा "मुन्तख़बुल अहकाम" नामी पुस्तक का मलय अनुवाद भी सेमिनार, अकादमिक समाज, विद्वानों, व्यक्तित्व और प्रतिष्ठित बुकस्टोर्स और इंडोनेशियाई शिया समुदाय के बीच वितरित की ग़ई।
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