IQNA

15:21 - July 19, 2021
समाचार आईडी: 3476173
तेहरान (एकना) Bakrid Lockdown News : जनहित याचिका में कहा गया है कि केरल में तीन दिनों के लिए लॉकडाउन के नियमों में ढील देना राजनीतिक और सांप्रदायिक विचार है. सुप्रीम कोर्ट ने यूपी कांवड़ यात्रा पर कड़ा रुख अपनाया है.

नई दिल्ली:

केरल में मुस्लिमों के त्योहार बकरीद को लेकर लॉकडाउन में ढील देने के फैसले का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. बकरीद के त्योहार को देखते हुए केरल सरकार लॉकडाउन की बंदिशों में ढील देने का फैसला किया था. इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है. कोर्ट ने नोटिस जारी कर केरल सरकार से जवाब मांगा है. कांवड़ मामले के दौरान ही इस सुनवाई होगी. पीकेडी नांबियार की जनहित याचिका में कहा गया है कि लोगों का स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है.

केरल में तीन दिनों -18,19 और 20 जुलाई के लिए लॉकडाउन के नियमों में ढील देना राजनीतिक और सांप्रदायिक विचार है. जनहित याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने यूपी कांवड़ यात्रा पर कड़ा रुख अपनाया है. इसके चलते कांवड़ यात्रा को अब रद्द कर दिया गया है. लेकिन केरल में COVID मामलों की संख्या अधिक है. लिहाजा तीन दिन की छूट देने के आदेश पर रोक लगाई जानी चाहिए.

उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई तो यूपी सरकार ने अदालत को बताया कि इस साल की कांवड़ यात्रा स्थगित कर दी गई है. पिछले साल भी कांवड़ यात्रा नहीं हुई थी. अगर कोई श्रद्धालु स्थानीय मंदिर में अभिषेक के लिए जाता है तो उस कोविड प्रोटोकोल का पालन करना होगा. दिल्ली और उतराखंड ने पहले ही इस पर रोक लगा दी है. वहीं केरल में बकरीद के मौके पर लॉकडाउन छूट देने के खिलाफ याचिका पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से विकास सिंह ने दलीलें रखीं.

 

उन्होंने कहा, केरल में इस समय पॉजिटिविटी रेट 10.6 फीसदी है जो सबसे ज्यादा है. यहां तक कि यूपी और दिल्ली से भी कहीं ज्यादा है जहां कांवड़ यात्रा रद्द कर दी गई है.ऐसे में केरल के आदेश पर भी रोक लगाई जानी चाहिए. केरल सरकार की ओर से कहा गया कि हमने कुछ दुकानें ही खोली हैं. हम केंद्र के कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन कर रहे हैं.

 

सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा, जो सोमवार को ही देना होगा. मंगलवार को फिर सुनवाई होगी. यूपी कांवड़ यात्रा मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी के साथ सुनवाई बंद की.सुप्रीम कोर्ट ने प्राधिकरण को चेतावनी दी कि अगर इस दौरान कोई भी अप्रिय घटना हुई को इसे कठोर तरीके से निपटा जाएगा.

 

 

source: ndtv

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