तेहरान(IQNA)एकना न्यूज एजेंसी का इरादा यह है कि नवरोज़ 1401 के दौरान देश के पाठकों के श्रव्य पाठों को जिन्हें ईरान के इस्लामी गणराज्य के अंतर्राष्ट्रीय पवित्र कुरान प्रतियोगिता के विभिन्न अवधियों में स्थान दिया गया था और उस अवधि के दौरान समापन समारोह को पढ़ने के प्रभारी थे, का है, "ईदानह सस्वर पाठ"के रूप में प्रकाशित करे, दसवें भाग में हम वहीद वकीली का पाठ सुनते हैं।

وأَقْسَمُوا بِاللَّهِ جَهْدَ أَيْمَانِهِمْ ۙ لَا يَبْعَثُ اللَّهُ مَنْ يَمُوتُ ۚ بَلَىٰ وَعْدًا عَلَيْهِ حَقًّا وَلَٰكِنَّ أَكْثَرَ النَّاسِ لَا يَعْلَمُونَ
और उन्होंने अपनी कठोर शपय खाकर परमेश्वर की शपथ खाई, कि परमेश्वर मरने वाले को दोबार नहीं उठाएगा। जी हां, उनके लिए यह वादा सच है, लेकिन ज्यादातर लोग नहीं जानते।
सूरह अन-नहल श्लोक 38
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