इकना से बातचीत में उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों की परंपरा के अनुसार, ईरान के औक़ाफ़ एवं चैरिटेबल अफेयर्स संगठन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय क़ुरआन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाला प्रतिभागी ईरान की अंतरराष्ट्रीय क़ुरआन प्रतियोगिता में भेजा जाता है, जबकि द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले को मलेशिया अंतरराष्ट्रीय क़ुरआन प्रतियोगिता के लिए चुना जाता है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष कुर्दिस्तान प्रांत में आयोजित 48वीं राष्ट्रीय क़ुरआन प्रतियोगिता में तहक़ीक़ (मुरत्तल से अलग शैली) तिलावत श्रेणी में दूसरा स्थान प्राप्त करने के तुरंत बाद उन्होंने अपनी तकनीकी क्षमता को बनाए रखने और बेहतर बनाने के लिए नियमित अभ्यास शुरू कर दिया।
मुस्लिमी अल-मुशैरी ने बताया कि पहले की तरह उन्हें उम्मीद थी कि व्यक्तिगत तैयारी के साथ-साथ संबंधित संस्थाएँ भी प्रतियोगिता के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेंगी, लेकिन तीसरे थोपे गए युद्ध के बाद देश की परिस्थितियों के कारण कुछ कार्यक्रम स्थगित हो गए या आयोजित नहीं हो सके।
जब उनसे पूछा गया कि मलेशिया प्रतियोगिता के नियम अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से अलग हैं, तो क्या इसके लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए हैं, उन्होंने कहा कि इस दौरान उनका संपर्क प्रतियोगिता प्रेषण समिति और औक़ाफ़ संगठन के क़ुरआनी मामलों के केंद्र के विशेषज्ञों और उस्तादों से मुख्यतः ऑनलाइन माध्यम से बना रहा। उन्होंने उनके तकनीकी सुझावों से लाभ उठाया है और आशा व्यक्त की कि रवाना होने से पहले उन्हें प्रत्यक्ष प्रशिक्षण सत्रों में भी भाग लेने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में मलेशिया प्रतियोगिता में भाग ले चुके प्रतिनिधियों के अनुभव से सीखना उनकी तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। विशेष रूप से पिछले वर्ष के ईरानी प्रतिनिधि मोहसिन क़ासिमी के साथ हुई बैठकों से उन्हें प्रतियोगिता के वातावरण, आयोजन की प्रक्रिया और मंच पर ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातों की जानकारी मिली।
उन्होंने यह भी बताया कि ईरान के प्रसिद्ध क़ारी सैयद मुस्तफ़ा हुसैनी, जो पहले भी मलेशिया प्रतियोगिता में ईरान का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, से विस्तृत चर्चा के दौरान उन्हें तिलावत से संबंधित कई महत्वपूर्ण तकनीकी सुझाव प्राप्त हुए।
उल्लेखनीय है कि 66वीं मलेशिया अंतरराष्ट्रीय क़ुरआन प्रतियोगिता दो चरणों—ऑनलाइन और प्रत्यक्ष—में आयोजित की जाएगी। इसका प्रत्यक्ष चरण 4 से 10 अक्टूबर तक कुआलालंपुर में आयोजित होगा।
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