मानव ख़सारा

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क़ुरआन कहता है कि इंसान की ज़िंदगी पल-पल घटती है और अगर कोई उसे उसके सही दाम पर न बेचे और उसकी क़ीमत न पाए तो वह ख़सारा उठाने वाला है। लेकिन मानव जीवन की वास्तविक कीमत क्या है?
समाचार आईडी: 3478940    प्रकाशित तिथि : 2023/04/17