
शेख अल-अजहर: सुन्नी और शिया के युद्ध को हराम
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ईरानी अंतरराष्ट्रीय कुरान समाचार ऐजेंजी (IQNA) न्यूज नेटवर्क अलआलम के अनुसर,, अहमद अल-तय्यब शेख अल-अजहर ने इंटरनेट साइट "अल-अंबा"
कुवैत के संवाददाता के सुन्नी और शिया में सन्निकटन की आवश्यकता के बारे में एक
सवाल के जवाब में बयान किया और कहा; सुन्नी और शिया के बीच कोई अंतर नहीं है, सभी लोग शहादतैन को स्वीकार करते हैं अलअजहर का तरीक़ा संयम और विवेक सोच को बढ़ावा देना
है.
उन्होंने जारी रखते हुऐ कहा: अल-अजहर सुन्नी और शिया के बीच सन्निकटन चाहता है
। जब इस्लामी धर्मों में सन्निकटन सभा को स्थापित किया गया था, महमूद शलतूत पूर्व शेख़ अल-अजहर और तक़ीयुद्दीन क़ुम्मी शियों के मरजअ द्वारा
यह दोनों उसके रहबर थे इसी कारण इस्लाम के जीवन के 14 सदियों में सुन्नी और शिया के
बीच संघर्ष नहीं हुआ था।
अल-तय्यब ने बताया कि इस्लामी धर्मों के बीच सन्निकटन मुख्य अल-अजहर का दृष्टिकोण, था इस ओर इशारा करते हुऐ शियाओं ने सुन्नी के महान विद्वानों से अल-अजहर में ऐक
बैठक कर सुन्नियों द्वारा शियाओं की हत्या और शियाओं द्वारा सुन्नी की हत्या हराम
करने पर फतवा जारी करने के लिए कहा।
उन्हों ने इस कार्रवाई से उद्देश्य क्षेत्र में रक्त स्नान रोकने और साज़िशों
से उम्मत को बचाना बताया कि इस क्षेत्र के लोग जिसकी कीमत रक्त और अपने जीवन देकर
अदा कर रहे हैं।
अल-तय्यब ने कहा; कि ऐसे व्यक्तियों की बातों पर कान
नहीं देना चहिऐ, जो सुन्नी और शिया के बीच विभाजन की तलाश में
रहते हैं । बेशक, दुर्भाग्य से, ऐसे लोगों की आवाज मीडिया में ऊंची है और ऐसे समर्थक रखते
हैं कि वे नहीं चाहते कि साज़िश की आग बुझे । लेकिन हम धर्मों के अनुयायियों के
बीच सन्निकटन चाहते हैं.
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