इकना के अनुसार, एसोसिएटेड प्रेस ने लिखा कि मंगलवार, 4 अगस्त को लाखों शिया मुसलमानों ने इराक के पवित्र शहर कर्बला में आयोजित वार्षिक अरबईन तीर्थयात्रा में भाग लिया। कर्बला के गवर्नर नसीफ़ जासिम अल-ख़ताबी ने बताया कि इस ज़ियारत के दौरान 2 करोड़ 20 लाख से अधिक लोग शहर में दाखिल हुए। इस संख्या में लगभग 50 लाख विदेशी ज़ायरीन भी शामिल हैं, जबकि बड़ी संख्या में इराकी नागरिक देश के विभिन्न क्षेत्रों से इस पवित्र शहर में पहुँचे।
एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, यह समारोह दुनिया में हर वर्ष आयोजित होने वाले सबसे बड़े धार्मिक जनसमागमों में से एक माना जाता है।
अमेरिकी समाचार एजेंसी ने आगे लिखा कि इस समारोह में शामिल होने वाले प्रमुख विदेशी अधिकारियों में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराकची भी शामिल थे। वे सोमवार को इराक के नजफ़ शहर पहुँचे और इसके बाद अरबईन की ज़ियारत में भाग लेने के लिए कर्बला गए।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी बड़ी संख्या में ईरानी ज़ायरीन ने अरबईन समारोह में भाग लिया। पूरे इराक में कर्बला जाने वाले रास्तों पर बड़ी संख्या में जनसेवा के मौक़िब लगाए गए थे, जहाँ ज़ायरीन के लिए भोजन, पानी, चिकित्सा सेवाएँ और अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही थीं।
एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, इसी दौरान ईरान में भी उन लोगों ने अरबईन के कार्यक्रम आयोजित किए, जो कर्बला की यात्रा करने में सक्षम नहीं थे।
इस विदेशी समाचार एजेंसी ने आगे बताया कि ईरान की राजधानी तेहरान में काले कपड़े पहने शोकाकुल लोगों ने लगभग 20 किलोमीटर तक पैदल मार्च किया।
रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिभागियों ने अमेरिका और इज़राइली शासन के हमलों में शहीद हुए क्रांति के नेता आयतुल्लाह सैयद अली ख़ामेनेई की शहादत के संदर्भ में नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इज़राइल के झंडों को पैरों तले भी रौंदा।