इकना के अनुसार, अल-कफ़ील वेबसाइट के हवाले से अब्बासी पवित्र रौज़े के खज़ाने एवं दुर्लभ पांडुलिपि विभाग के प्रमुख नाफ़ेअ अल-मूसवी ने बताया कि संग्रहालय ने 1 से 20 सफ़र तक कुल 1,06,000 आगंतुकों का स्वागत किया। यही वह अवधि थी जब इमाम हुसैन (अ.) की अरबईन मनाने के लिए पवित्र शहर कर्बला में ज़ायरीन की सबसे अधिक आमद हुई।
उन्होंने बताया कि आगंतुकों की संख्या की गणना संग्रहालय के प्रदर्शनी हॉल के प्रवेश द्वार पर लगाए गए कैमरों के माध्यम से की गई। ये कैमरे पूरे दौरे के दौरान आने वाले लोगों की निगरानी करते हैं और उनकी संख्या को सटीक रूप से दर्ज करते हैं, जिससे आगंतुकों की संख्या के विश्वसनीय आँकड़े प्राप्त किए जा सकते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि संग्रहालय के प्रदर्शनी हॉल में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी इस बात को दर्शाती है कि आगंतुकों में संग्रहालय में सुरक्षित ऐतिहासिक कलाकृतियों और दुर्लभ खज़ानों को देखने तथा उनके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को समझने में गहरी रुचि है।
अब्बासी पवित्र रौज़े ने अपने संग्रहालय की स्थापना की दिशा में पहला कदम 15 जमादिउल अव्वल 1431 हिजरी / 2009 ईस्वी को उठाया था। इसी अवसर पर हज़रत ज़ैनब कुबरा (स.) के जन्मदिवस के साथ संग्रहालय की वस्तुओं को प्रदर्शित करने के लिए एक विशेष प्रदर्शनी हॉल का उद्घाटन किया गया था।