IQNA

11:18 - August 09, 2026
समाचार आईडी: 3485675
आयतुल्लाह याक़ूबी ने कंटेंट क्रिएटर्स से मुलाकात में कहा:

मीडिया सॉफ्ट वॉर का सबसे प्रभावशाली हथियार है

तेहरान (IQNA)आयतुल्लाह शैख़ मुहम्मद याक़ूबी, जो शिया मुसलमानों के धार्मिक विद्वानों में से हैं, ने वर्तमान दौर में मीडिया की जिम्मेदारी की संवेदनशीलता पर जोर देते हुए कहा कि घटनाओं को प्रभावित करने, जनमत को दिशा देने और समाजों में जागरूकता बढ़ाने में मीडिया की भूमिका निर्णायक है।

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इकना की इराक़ से रिपोर्ट के अनुसार, आयतुल्लाह शैख़ मुहम्मद याक़ूबी ने उन कंटेंट क्रिएटर्स के एक समूह से मुलाकात के दौरान यह बात कही, जो अरबईन की ज़ियारत के दिनों में हज़रत अली (अ.) के पवित्र हरम की ज़ियारत के लिए नजफ़ अशरफ़ पहुँचे थे।


उन्होंने कहा:“आज मीडिया परिवर्तन के सबसे महत्वपूर्ण साधनों में से एक बन गया है और साथ ही सॉफ्ट वॉर का सबसे खतरनाक हथियार भी बन चुका है।


उनके अनुसार, मीडिया में लोगों की मान्यताओं, संस्कृतियों और जनमत की दिशा को बदलने की इतनी क्षमता है कि कई बार उसका प्रभाव सैन्य युद्धों से भी अधिक हो सकता है। इसकी वजह से कभी-कभी ऐसा भी हो सकता है कि राष्ट्र अपने दुश्मनों का बचाव करने लगें और स्वयं को सत्य के बजाय असत्य के पक्ष में खड़ा कर लें।


आयतुल्लाह याक़ूबी ने समकालीन घटनाओं के कुछ उदाहरणों की ओर संकेत करते हुए कहा कि कुछ मामलों में मीडिया का प्रभाव ऐसे परिणामों तक पहुँचा है, जिन्हें हासिल करने में सैन्य युद्ध भी सफल नहीं हो सके।


आयतुल्लाह याक़ूबी ने जोर देकर कहा कि कंटेंट बनाना और सोशल मीडिया पर सक्रिय रहना कोई साधारण या क्षणिक कार्य नहीं है, बल्कि यह एक बड़ी धार्मिक, नैतिक और पेशेवर जिम्मेदारी है।


उन्होंने कहा कि प्रकाशित होने वाला प्रत्येक शब्द और प्रत्येक सामग्री लोगों और समाजों के जीवन पर गहरा प्रभाव डाल सकती है।


उन्होंने पवित्र कुरआन की इस आयत का हवाला दिया:
«وَلا تَقْفُ مَا لَيْسَ لَكَ بِهِ عِلْمٌ إِنَّ السَّمْعَ وَالْبَصَرَ وَالْفُؤَادَ كُلُّ أُولَئِكَ كَانَ عَنْهُ مَسْؤُولًا»
(सूरह अल-इसरा, आयत 36)


“जिस बात का तुम्हें ज्ञान नहीं है, उसके पीछे मत पड़ो। निश्चय ही कान, आँख और दिल—इन सभी के बारे में पूछताछ की जाएगी।


उन्होंने मीडिया से जुड़े लोगों के लिए तक़वा, सावधानी, निष्पक्षता और पेशेवर नैतिकता अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।


उन्होंने आगे कहा कि मीडिया को ब्लैकमेलिंग, चरित्र-हनन, दूसरों से बदला लेने या निजी और तात्कालिक दुनियावी लाभ हासिल करने का साधन नहीं बनना चाहिए।
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