तेहरान (IQNA) यूरोप और एशिया के 23 देशों से आए उमराह यात्रियों ने सऊदी अरब के इस्लामी मामलों, दावत और मार्गदर्शन मंत्रालय के एक कार्यक्रम के तहत मदीना स्थित किंग फ़हद क़ुरआन प्रिंटिंग कॉम्प्लेक्स का दौरा किया।
इकना रिपोर्ट के अनुसार, हरमैन शरीफ़ैन के ख़ादिम द्वारा आयोजित उमराह और ज़ियारत कार्यक्रम में शामिल यात्रियों के दूसरे समूह ने शनिवार (7 अगस्त) को मदीना में अपने सांस्कृतिक कार्यक्रम के हिस्से के रूप में किंग फ़हद क़ुरआन प्रिंटिंग कॉम्प्लेक्स का भ्रमण किया।
इन यात्रियों की संख्या 250 थी, जो 23 यूरोपीय और एशियाई देशों से आए थे। उन्होंने कॉम्प्लेक्स के विभिन्न विभागों का दौरा किया और क़ुरआन-ए-करीम की छपाई के चरणों, आधुनिक प्रिंटिंग तकनीकों तथा जाँच और अनुमोदन की प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
यात्रियों को यह भी बताया गया कि यह कॉम्प्लेक्स क़ुरआन की सेवा में क्या भूमिका निभाता है, क़ुरआन की छपाई कैसे की जाती है, वह्य (ईश्वरीय संदेश) के अर्थों का 80 से अधिक भाषाओं में अनुवाद और दुनिया की विभिन्न भाषाओं में प्रकाशनों का प्रसार कैसे किया जाता है।
दौरे के अंत में यात्रियों को किंग फ़हद क़ुरआन प्रिंटिंग कॉम्प्लेक्स द्वारा प्रकाशित क़ुरआन की प्रतियाँ और कई भाषाओं में उनके अनुवाद उपहार के रूप में दिए गए।
मेहमानों ने क़ुरआन की छपाई में आधुनिक तकनीकों के उपयोग और हर चरण में बरती जाने वाली सावधानी की प्रशंसा की। उन्होंने तीर्थयात्रियों के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए सऊदी अरब के इस्लामी मामलों के मंत्रालय के प्रयासों की भी सराहना की।
उल्लेखनीय है कि मदीना स्थित किंग फ़हद क़ुरआन प्रिंटिंग कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन 30 अक्टूबर 1984 को हुआ था। लगभग चार दशकों की सेवा के बाद यह आज दुनिया का सबसे बड़ा क़ुरआन छापने वाला केंद्र बन चुका है।
यह संस्थान सऊदी अरब के प्रमुख आधुनिक धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों में से एक है, जिसने दुनिया भर, विशेषकर इस्लामी देशों में सही और प्रमाणित क़ुरआनी प्रतियों को प्रकाशित और वितरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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