IQNA

14:42 - February 20, 2018
समाचार आईडी: 3472296

इस्लामिक दुनिया नबीये रहमत की बेटी के शोक में

अंतरराष्ट्रीय टीमः मक्तबे इस्मत व तहारत  के प्रेमियों और चाहने वालों ने हजरत fatemeh ज़हरा (स.अ.) की शहादत की सालगिरह पर शोक सममारोह आयोजित किऐ।

इस्लामिक दुनिया नबीये रहमत की बेटी के शोक में

इस्लामिक दुनिया नबीये रहमत की बेटी के शोक मेंIQNA के अनुसार, 20 फ़रवरी मुताबिक़3 जमादिउस्सानी और लेडी फ़ातिमा ज़हरा (स.) की शहादत का दिन है। आज आसमान और आस्मानी लोग मुसीबतत व शोक में हैं
आज, सभी शिया और अहल बैत (अ.स.) के प्रेमी लोग विश्व में जगह जगह नबीये रहमत की बेटी और उम्मेअबीहा की शहादत पर दु: ख में डूबे हैं।
मक्तबे इस्मत व तहारत  के प्रेमियों और चाहने वाले विश्व में जगह जगह से इराक़ देश आए हैं ता कि पवित्र रौज़ों पर हाज़िर होकर शोक मनाऐं।
Zuhair अल Jubouri, नजफ प्रांतीय परिषद के एक सदस्य ने इस संबंध में कहाः कि शिया अवक़ाफ़ के अनुसार इराक के बाहर और अंदर से देढ़ मिल्युन से अधिक तीर्थयात्रियों ने अपने को नजफ़ पंहुचाया और इमाम अली के रौज़े में उपस्थित होकर, जन्नती औरतों की सरदार की शहादत की संवेंदना पेश की।
अमीरुल-मोमिनीन (अ.स) का रौज़ा हज़रत फातिमा ज़हरा (स) के शोक में काले कपड़ों से छुप गया है, और अलवी सहन की हर जगह ग़म और दु: ख का प्रतीक बनी है।
तीर्थयात्रियों का ऐक समूह अंतिम संस्कार के प्रतीक के रूप में हजरत ज़हरा (स.) का ताबूत क्षेत्र षौरतुल Eshreen नजफ से इमाम अली (अ.स)के सहन तक उठा कर लाया ता कि यह बताऐ अगर हम उस दिन होते तो मौला के दु: ख को साझा करते ता कि हज़रत अली (अ.स.) मजबूर न होते कि अपनी ज़हरा को रात के सन्नाटे में ग़ुरबत के साथ दफ़्न करें।  
कुछ लोग करबला भी गए हैं ताकि शोक समारोह का आयोजन करके उम्मुल अइम्मा की शहादत की संवेदन शहीदों के सरदार इमाम हुसैन (अ.) और उनके साथियों को पेश करें।
काज़्मैन और सामर्रा में भी अज़ादारों की भीड़ और मक्तबे इस्मत व तहारत  के प्रेमियों और चाहने वालों ने इन पवित्र स्थानों पर उपस्थिति शोक प्रकट किया।
इराकी लोगों ने भी फातिमी तीर्थयात्रियों की सेवा करने में पनी सभी शक्तियां झोंक दीं।
रियाज़ अब्दुल मुन्इम, इराक में Fatemiyeh तीर्थयात्रा के आयोजन समिति के एक सदस्य ने समाचार एजेंसी "ऐनुल इराक समाचार" के साथ एक साक्षात्कार में इस ओर इशारा करते हुऐ कि इस समिति में सेवा करने वाले सभी समूह तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और आराम प्रदान करने की कोशिश कर रहे हैं,कहाः केवल, 100 से अधिक मौकब (अंजुमनें) तीर्थयात्रियों के लिए भोजन प्रदान करने के लिए समर्पित हैं।
नजफ़ की पुलिस ने फ़ातिमा ज़हरा (स.) की शहादत की सालगिरह पर तीर्थयात्रियों और शोकपूर्ण समारोहों की सुरक्षा के लिए प्रांत में प्रवेश करने और निकलने के साधनों को सुरक्षित रखने और विशेष परियोजनाओं के कार्यान्वयन की भी सूचना दी है।
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 इस्लामिक दुनिया नबीये रहमत की बेटी के शोक में

 

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