बहरीन(IQNA) बहरीन के लाल सागर में अमेरिकी गठबंधन में शामिल होने के जवाब में, बहरीन के जमीयत अल-वेफ़ाक के उप महासचिव ने जोर देकर कहा कि बहरीन के लोग सरकार के विश्वासघात और कब्ज़ा करने वाले इजरायल के हितों की रक्षा के सामने चुप नहीं रहेंगे।

बहरीन मिरर के अनुसार, जमीयत अल-वफ़ाक के उप महासचिव शेख़ हुसैन अल-दीही ने इस बात पर जोर दिया कि बहरीन सरकार का लाल सागर में ज़ायोनी कब्जे वाले शासन के हितों की रक्षा के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा घोषित गठबंधन में शामिल होना । बहरीन के लोगों, फ़िलिस्तीनी लोगों और यह अरबी और इस्लामी उद्देश्य के साथ विश्वासघात है।
अल-दीही ने एक्स सोशल नेटवर्क पर पोस्ट किया और लिखा: बहरीन के लोग इजरायली कब्जे के हितों और उसके अपराधों की रक्षा के लिए सरकार में शामिल होने के इस विश्वासघात के सामने चुप नहीं रह सकते। यह कार्रवाई फ़िलिस्तीनी राष्ट्र की घेराबंदी तेज़ करने में भागीदारी है।
उन्होंने बहरीन सरकार को चेतावनी दी कि इस गंदे गठबंधन में देश की भागीदारी सीधे देश को ऐसे युद्ध में प्रवेश कराएगी जिसमें हर दिन कई फिलिस्तीनी मारे जारहे हैं।
अल-दीही ने कहा: हमारे लोगों, जिन्होंने ज़ायोनीवादियों के साथ संबंधों को सामान्य बनाने के समझौते को अस्वीकार कर दिया, ने तुरंत इस गठबंधन में इस शासन की भागीदारी के लिए अपना विरोध घोषित कर दिया।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बहरीन को लाल सागर में इजरायल के हितों को सुरक्षित करने का उपकरण नहीं बनना चाहिए।
इस संबंध में कल रात बड़ी संख्या में बहरीन के लोगों ने इस देश की राजधानी मनामा में प्रदर्शन किया और लाल सागर में नौवहन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा बनाए गए गठबंधन में अपने देश की भागीदारी की निंदा की।
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