तेहरान (IQNA)नजफ़ अशरफ़ में स्थित हज़रत इमाम अली (अ.) के पवित्र रौज़े ने पैग़ंबर हज़रत मुहम्मद (स0) की वफ़ात की बरसी की रात 100 से अधिक मातमी जुलूसों और मजलिसी दलों की मेज़बानी की।
इकना रिपोर्ट के अनुसार, हज़रत इमाम अली (अ.) के रौज़े के ख़ादिम हसन ज़की ने बताया कि संबंधित सेवा एवं सहयोगी विभागों के साथ समन्वय कर 100 से अधिक मातमी जुलूसों के आवागमन को सुगम बनाया गया। इनमें से आठ बड़े जुलूसों ने पवित्र सहन के भीतर मातम और अज़ादारी की रस्में अदा कीं, जबकि अन्य जुलूस सहन-ए-हैदरी के आसपास के क्षेत्रों में पहुंचे।
ज़ायरीन के लिए विशेष सेवाएं
रौज़े के एक अन्य ख़ादिम अली अब्द ज़ैद काज़िम ने बताया कि आस्तान-ए-मुक़द्दस अलवी ने इमाम अली (अ.) की ज़ियारत के लिए आने वाले ज़ायरीन को बेहतर से बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल किया।
इन सेवाओं में ज़ायरीन के लिए दिन में तीन बार भोजन, जिसमें मुख्य भोजन और हल्के नाश्ते शामिल हैं, उपलब्ध कराना तथा आराम और ठहरने के लिए स्थान मुहैया कराना शामिल है।
उन्होंने बताया कि ये सेवाएं 10 सफ़र से शुरू हुईं और पैग़ंबर (स0) की वफ़ात की बरसी के अवसर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों के समापन तक जारी रहीं।
आस्तान-ए-मुक़द्दस अलवी की ओर से किए गए ये इंतज़ाम अरबईन की ज़ियारत और पैग़ंबर हज़रत मुहम्मद (स0) की वफ़ात की बरसी के दौरान ज़ायरीन की सेवा के लिए तैयार की गई व्यापक सेवा योजना का हिस्सा हैं।
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