IQNA

10:26 - August 15, 2026
समाचार आईडी: 3485698

फ़िलिस्तीनी उलेमा संघ ने मस्जिद-ए-इब्राहीमी के यहूदीकरण के बारे में चेतावनी दी

तेहरान (IQNA) फ़िलिस्तीनी उलेमा संघ ने मस्जिद-ए-इब्राहीमी के बढ़ते यहूदीकरण पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए पवित्र स्थलों की सुरक्षा की मांग की है।

इक़ना ने हिज़्बुल अदाला और तन्मिया की रिपोर्ट के अनुसार बताया कि फ़िलिस्तीनी उलेमा संघ ने हेब्रोन (अल-ख़लील) स्थित मस्जिद-ए-इब्राहीमी को इज़रायली कब्ज़े वाली सेना द्वारा नमाज़ियों और आगंतुकों के लिए बंद किए जाने तथा दूसरी ओर यहूदी बस्तियों के निवासियों को वहां प्रवेश कर अपने धार्मिक अनुष्ठान करने की अनुमति दिए जाने के बाद फ़िलिस्तीन के पवित्र स्थलों के विरुद्ध बढ़ती कार्रवाई पर चेतावनी दी।

संघ ने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा कि मस्जिद को बंद करना, नमाज़ियों को वहां पहुंचने से रोकना, नमाज़ के समय को विभाजित करना और बस्तीवासियों को अपने धार्मिक अनुष्ठान करने की सुविधा देना, मस्जिद पर नियंत्रण स्थापित करने और उसका यहूदीकरण करने तथा वहां एक नई स्थिति थोपने की बढ़ती हुई कार्रवाइयों का हिस्सा है।

संघ ने ज़ोर देकर कहा कि मस्जिद-ए-इब्राहीमी एक स्थापित इस्लामी मस्जिद और इस्लामी वक़्फ़ है। उसने इज़रायल की कार्रवाइयों को इस्लामी पवित्र स्थलों पर हमला बताया और इन्हें उन कार्रवाइयों से जोड़ा जो मस्जिद-ए-अक्सा की इस्लामी पहचान को निशाना बना रही हैं।

संघ ने हेब्रोन और पश्चिमी तट के निवासियों से अपील की कि वे मस्जिद-ए-इब्राहीमी में अपनी उपस्थिति, नमाज़ और इबादत को बढ़ाएं, पुराने शहर तथा उसके वक़्फ़ और संपत्तियों से जुड़े रहें और मस्जिद के विरुद्ध होने वाली कार्रवाइयों का दस्तावेज़ तैयार करें।

इसके साथ ही संघ ने दुनिया भर के इस्लामी विद्वानों, वक़्फ़ मंत्रालयों, इस्लामी संस्थाओं तथा अरब और मुस्लिम देशों की सरकारों से अपील की कि वे मस्जिद-ए-इब्राहीमी, मस्जिद-ए-अक्सा और फ़िलिस्तीन के सभी पवित्र स्थलों के प्रति अपनी ज़िम्मेदारियां निभाएं तथा यहूदीकरण की कार्रवाइयों को रोकने के लिए इज़रायली कब्ज़े के विरुद्ध राजनीतिक, कानूनी और आर्थिक दबाव डालें।

इस संस्था ने स्पष्ट किया कि मस्जिद-ए-इब्राहीमी एक इस्लामी मस्जिद ही रहेगी और कब्ज़े वाली ताक़त द्वारा बलपूर्वक थोपी गई कोई भी व्यवस्था उसकी इस्लामी पहचान को नहीं बदल सकती। संस्था ने सभी पवित्र स्थलों की हर संभव वैध माध्यम से सुरक्षा और संरक्षण की मांग की।

इसके अलावा, बुधवार की सुबह इज़रायली कब्ज़े वाली सेना ने पुराने शहर हेब्रोन की मस्जिद-ए-इब्राहीमी को पूरी तरह बंद कर दिया। सूत्रों के अनुसार, यह सैन्य कार्रवाई फ़िलिस्तीनी नमाज़ियों और आगंतुकों को मस्जिद में प्रवेश करने से रोकने के लिए की गई, ताकि यहूदी बस्तीवासियों को तथाकथित “यहूदी त्योहारों” के अवसर पर बड़ी संख्या में वहां प्रवेश करने का अवसर दिया जा सके और इस ऐतिहासिक स्थल पर मुस्लिम धार्मिक गतिविधियों को बाधित किया जा सके।

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