तेहरान (IQNA) संयुक्त अरब अमीरात की भव्य शेख़ ज़ायद ग्रैंड मस्जिद में रोशनी का इस्तेमाल केवल प्रकाश व्यवस्था के लिए नहीं, बल्कि क़ुरआन में वर्णित समय और चाँद की मंज़िलों की अवधारणा को कलात्मक रूप से प्रस्तुत करने के लिए किया गया है।
इकना ने अल-ख़लीज समाचार पत्र रिकी पोर्ट के अनुसार बताया कि शेख़ ज़ायद ग्रैंड मस्जिद सेंटर ने “चाँद की एक कहानी है... जिसे रोशनी बयान करती है” नामक एक अनोखा प्रकाश प्रदर्शन प्रस्तुत किया है। यह प्रदर्शन चाँद की विभिन्न अवस्थाओं से प्रेरित है और इस्लामी हिजरी कैलेंडर तथा खगोलीय गणनाओं के बीच संबंध को दर्शाता है।
क़ुरआनी महत्व
यह प्रकाश प्रदर्शन इस पवित्र आयत के अर्थ को दृश्य रूप में प्रस्तुत करता है:
«هُوَ الَّذِي جَعَلَ الشَّمْسَ ضِيَاءً وَالْقَمَرَ نُورًا وَقَدَّرَهُ مَنَازِلَ لِتَعْلَمُوا عَدَدَ السِّنِينَ وَالْحِسَابَ...»
अर्थात्:
“वही है जिसने सूर्य को प्रकाशमान और चाँद को प्रकाश बनाया तथा उसके लिए विभिन्न मंज़िलें निर्धारित कीं, ताकि तुम वर्षों की संख्या और समय का हिसाब जान सको।”
यह प्रदर्शन चाँद की विभिन्न अवस्थाओं, समय की गणना और हिजरी कैलेंडर के बीच संबंध को उजागर करता है। इस प्रकार क़ुरआनी अवधारणा को आधुनिक प्रकाश कला और वैज्ञानिक ज्ञान के साथ जोड़ा गया है।
चाँद की एक पूरी यात्रा, केवल पाँच मिनट में
मस्जिद की वास्तविक प्रकाश व्यवस्था एक पूरे चंद्र महीने के चक्र पर आधारित है, लेकिन इसे दर्शकों के लिए लगभग पाँच मिनट के दृश्य प्रदर्शन में प्रस्तुत किया जाता है।
प्रदर्शन की शुरुआत गहरे नीले प्रकाश से होती है, जो नए हिजरी महीने और हिलाल के दिखाई देने का प्रतीक है। इसके बाद प्रकाश धीरे-धीरे अधिक उज्ज्वल होता जाता है और नीले रंग की तीव्रता कम होती जाती है। महीने के मध्य में पूर्णिमा (बद्र) के समय प्रकाश सफ़ेद हो जाता है। इसके बाद रोशनी फिर धीरे-धीरे गहरे नीले रंग में लौटती है, जो एक चंद्र महीने के अंत और नए चक्र की शुरुआत को दर्शाता है।
840 से अधिक प्रकाश इकाइयाँ
इस विशेष प्रकाश व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक इसका “चंद्र घड़ी” से जुड़ा होना है। यह प्रणाली चंद्र महीने के दौरान हर दो दिन में मस्जिद की बाहरी दीवारों पर पड़ने वाली रोशनी की तीव्रता को समायोजित करती है, ताकि चाँद की वास्तविक अवस्थाओं के अनुसार उसके प्रकाश का प्रभाव दिखाई दे।
इस प्रणाली में मस्जिद के आसपास 840 से अधिक प्रकाश इकाइयाँ लगाई गई हैं। इसके अतिरिक्त, आसपास 22 प्रकाश टावर भी हैं, जो प्रकाश के पैटर्न और आसमान में दिखाई देने वाले बादलों के बीच एक सुंदर दृश्य सामंजस्य पैदा करते हैं।
यह व्यवस्था केवल वास्तु-सौंदर्य को बढ़ाने के लिए नहीं है, बल्कि इस्लामी सभ्यता और चंद्र चक्र के बीच ऐतिहासिक संबंध को भी दर्शाती है। चंद्र चक्र ही हिजरी महीनों और इस्लामी कैलेंडर की गणना का आधार है।
यह कार्यक्रम प्रत्येक हिजरी महीने की शुरुआत में आयोजित किया जाता है। पाँच मिनट का यह प्रकाश प्रदर्शन विभिन्न संस्कृतियों से आने वाले दर्शकों को नए हिजरी महीने के आगमन को एक अनोखे कलात्मक और दृश्य अनुभव के माध्यम से देखने का अवसर प्रदान करता है।
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