IQNA

12:12 - July 23, 2014
समाचार आईडी: 1432523

कश्मीर सीरते अमीरुल मोमनीन(अ.स)विषय के साथ हुर्रियत कांफ्रेंस का मेज़बान

अंतर्राष्ट्रीय समूह: हुर्रियत के शीर्षक के साथ कांफ्रेंस, इमाम अली (अ.स) के जीवन के विभिन्न पहलुओं को समझने के लिए इस्लामाबाद, पाकिस्तान में आयोजित की गई.

अंतर्राष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) समाचार उद्धरण «risingkashmir.com»के हवाले से, यह सम्मेलन मौलाए मुत्तक़यान अली (अ.स) की शहादत की सालगिरह पर आयोजित किया गया.
Mirwais, सम्मेलन के निदेशक,ने अपने भाषण में बल दिया कि मुसलमानों को चाहिऐ कि अपने जीवन पथ को हजरत अली (अ.स) के सिद्धांतों और शिक्षाओं की मदद से रोशन करें.
उन्होंने कहाः कि हजरत अली (अ.स)ने अपने पूरे जीवन को केवल इस्लाम के लिए लड़ाई और पैगंबर मुहम्मद (PBUH) के संदेश को बढ़ावा देने के लिए ख़र्च किया इस लिऐ आप का जीवन और कार्य मुस्लिम दुनिया विशेष रूप से युवा लोगों के लिए एक उदाहरण के तौर पर होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि बहुत से मुस्लिम देश सिर्फ इस कारण कि भौतिकवाद में लिप्ति हैं पैगंबर मुहम्मद की शिक्षाओं से दूर होगऐ हैं और मौजूदा कई समस्याओं में उलझ गऐ हैं.
साथ ही सम्मेलन के अवसर पर, गाजा के साथ सहानुभूति और एकजुटता व्यक्त करने के लिऐ एक गोलमेज सम्मेलन का आयोजन किया गया जिस में भाग लेने वालों ने बल दिया कि पीड़ित मिल्लते फिलिस्तीन यहूदी शासन की नस्ल परस्ती के खिलाफ और बर्बरता लड़ाई में अकेले नहीं है.
वलीद अबू अली, पाकिस्तान में फिलिस्तीनी राजदूत और पाकिस्तानी अधिकारियों और विद्वानों की एक संख्या ने सम्मेलन में भाग लिया.
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