ईरान की कुरान समाचार एजेंसी(IQNA) ने«news» अखबार के अनुसार बताया कि यह दो दिवसीय कार्यशाला इस देश के संस्कृति मंत्रालय और पाकिस्तान के राष्ट्रीय कला परिषद के सहयोग से आयोजित की जाएगी
मशहूर पाकिस्तानी ख़त्तात"अजीम इकबाल ने इतिहास के इस कार्यशाला क्षेत्र में इस विषय के छात्रों और उभरते कलाकारों के लिए और इस्लामी कला का विकास और युवा और अपने समकालीन कलाकारों के बारे मे तकरीर करेंग़े.
अज़ीम इकबाल की निगाह से सुलेख वह कला है कि इस्लाम का जौहर यानी शांति, प्रेम, दया और मानवता के लिए समन्वय का मतलब है.
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