IQNA

12:49 - September 13, 2011
समाचार आईडी: 2186536

भगवान की वार्ता अपने पैग़म्बरो के साथ धर्मों के बीच वार्ता के लिए मॉडल हैः

इंटरनेशनल ग्रुप: कुरान और ईसाईयों की पवित्र बाइबल में परमेश्वर के दूत के साथ वार्ता, धर्मों के बीच संवाद के लिए एक मॉडल हो सकती है.

ईरानी कुरान समाचार एजेंसी(IQNA) एशियाई संस्कृतियों और धर्मों बातचीत के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन स्थल से,"कॉन्स्टेंटिन Karmash"जोर्डन के रूढ़िवादी पादरी ने 12सितम्बर,को इस सम्मेलन में टिप्पणी के दौरान कहाः कि एक सक्रिय और प्रभावी संवाद के लिऐ ईश्वरीय धर्मों के सिध्दांतो की ओर वापसी करना पड़ेगी और धर्मों के बीच समानताओं और कामन बातों पर ध्यान देना पड़ेगा.
उन्हों ने उन क़ुरानी आयतों की ओर इशारा करते हुऐ जो इब्राहीम,मूसा इस्हाक़,याक़ूब,यूसुफ़ और सुलैमान(अ.स.)जैस पैग़म्बरों के बारे में हैं बल दियाःबहुत सी बातें जो इन आसमानी नब्यों के बारे में क़ुरआन में हैं किताबे मुक़द्दस में भी आई हैं और यह दर्शाता है कि इन दोनों दिव्य मिशन के अर्थ और सामग्री एक हैं.
Karmash बिशप ने कहाः कि जब कुरान में सुरऐ मरयम (अ.स.) हम पढ़ते हैं, ऐसा लगता है कि मैं बाइबल पढ़ रहा हूं और हम पाते हैं कि कुरान ने जनाब मर्यम को अधिक सम्मानित किया है.
उन्होंने जोर देकर कहा: हम को धर्मों के बीच रचनात्मक और सामान्य बिंदुओं की तलाश करना चाहिऐ और हमों उन पर ध्यान केंद्रित करके, धर्मों के बीच संवाद को जारी रखना चाहिऐ.
859259
captcha