ईरानी कुरान समाचार एजेंसी(IQNA)हौज़ऐ इल्मियह शाखा, Hojjatoleslam Yazdani ने अपमाजनक फिल्म मावियह,अल हसन और अल हुसैन की समीक्षा बैठक में जो कल 19 सितम्बर जामेअतुल मुस्तफ़ा(PBUH) द्वारा Qom में आयोजित की गयी थी,इस मत्लब की ओर इशारा करते हुऐ कि इस फिल्म के निर्माताओं का लक्ष्य शिया इमामों की गरिमा कम करना और मावियह की गरिमा को बढ़ाना है,कहाःयह धारावाहिक मावियह और शिया इमामों को बराबर आंकने के क्रम में बनाई गई है.
उन्हों ने कहाःइस धारावाहिक के ज़िम्मेदार लोगों के इसके बनाने से बहुत उद्देश्य हैं उनमें से महत्वपूर्ण लक्ष्य यह है कि अब्दुल्लाह बिन सबा की शख़्सीयत को साबित करें क्यों कि अगर यह साबित कर लेगऐ तो इस के पीछे उनके कुछ लाभ हैं जिनमें ऐक यह है कि शीया होने की हक़ीक़त को खत्म कर सकें और इस सीरयल में काम करने वाले व लेखक इस शख़्सीयत को साबित करके इमाम अली अ.स. की बहुत सी उपलब्धियों और कामों को जो आपने विभिन्न दौर में अंजाम दिऐ प्रश्न के दायरे में लासकें.
उन्हों ने आगे कहाःइस शख़्सीयत को साबित करके दूसरा काम यह करना चाहते हैं कि इस काम के ज़रये आप अ. को उस्मान के क़ातिल के रूप में पहचनवाऐं और सहाबियों के बजाऐ आप की गरदन पर डाल दें तथा महत्वपूर्ण लक्ष्य इन लोगों का इस काम से यह भी होसकता है कि 70हज़ार अस्हाबे रसूल की हत्या का पाप मावियह, Aisha, और ज़ुबैर व तल्हा के बजाय आपके गले मढ़दें.
इस विद्वान ने आगे कहाःकि इस सीरयल में बहुत कोशिश की गई है कि इमाम हसन (अ.स)और उस्मान बीच गहरा संबंध दिखाऐं और उन लोगों ने से इमाम हसन(अ.स)को ऐसी शख़्सीयत के तौर पर परिचित करें कि वह हर समय उस्मान की सभा में उपस्थित रहते थे और हमेशा उनका समर्थन करते थे लेकिन अपने पिता की परवाह नहीं करते थे.
Yazdani ने इस सीरयल में इमाम हसन(अ.स) और इमाम हुसैन (अ.स)की इमाम अली(अ.स.)से दूरी के बयान को बताते हुऐ कहा: यह कुछ इतना ज़्यादा है कि फिल्म में जब लोग इमाम अली(अ.स.) की बैअत कर रहे थे तो इमाम हसन (अ.स) और इमाम हुसैन (अ.स)को इसकी कोई ख़बर ही नहीं थी बल्कि इस ख़बर को सड़कों और बाजारों से सुनते हैं.
उन्होंने जारी रखते हुऐ कहा:कि वास्तव में, यह फिल्म यह कहना चाहती है है कि शियों के इमामों को सरकार करने की सलाहियत नहीं थी और इमाम अली (अ.स.)अपनी हुकूमत के दौरानलोगों के साथ न्याय करने में असमर्थ थे, लेकिन मावियह वास्तव में सरकार चलाने की योग्यता रखता था और वह खिलाफत का हकदार है.
उन्हों ने कहाः कि मावियह की छवि ऐक दूसरा प्वांइंट है जो इस फ़िल्म में है जिसकी ओर इशारा करना ज़रूरी है इस सीरयल में मावियह को ऐसे दिखाया गया है कि हमेशा नूर का घेरा उसके चारों ओर रहता था ऐसे घर में रहता था जो जन्नत के जैसा है और उसके मुक़ाब्ले में इमाम हसन (अ.स) और इमाम हुसैन (अ.स)बिल्कुल उसके विपरीत दो सामान्य मनुष्य की तरह दिखाया गया है.
अंत में उन्हों ने कहा कि इस में मालिक उश्तुर को ऐक सख़्त, क्रोधित,व डरपोक की तरह दिखाया है जब कि इमाम अली अ. मालिक के बारे में कहते हैं कि मालिक मूझ से वही संबंध है जो मुझे रसूले ख़ुदा से था.
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