ईरानी कुरान समाचार एजेंसी(IQNA) वेबसाइट«ism-france» के हवाले से, Zeid Aljbary, वेस्ट बैंक में शहर अल-खलील में इस्लामी Endowments के अध्यक्ष इस अभिव्यक्ति के साथ,कहाः कि यहूदी शासन के सुरक्षा बलों ने परसों सुबह, इब्राहीम(अ.) मस्जिद में मुसलमानों के लिऐ सभी दरवाज़ों को बंद कर दिया और फिर यहूदियों के लिए धार्मिक समारोह"Yvmkypvr" के बहाने मस्जिद में दाख़िल होने का निर्देश दिया.
उन्होंने कहा कि इसराइल ने घोषणा की है कि शनिवार 8 अक्टूबर तक , केवल यहूदियों के लिए पैगंबर इब्राहिम(PBUH)मस्जिद में आने जाने का हक़ है और मुसलमानों के लिए इस पूजा स्थान की यात्रा तथा मस्जिद से अज़ान देने कीअनुमति नहीं है.
पैगम्बर इब्राहिम (एएस) मस्जिद इसके अलावा कि मुसलमानों की इबादतगाह है सुलैमान (एएस) की इबादतगाह के बाद हज़रत इब्राहिम(अ.स)की कब्र होने के कारण,यहूदियों के लिऐ दूसरी सबसे पवित्र जगह के रूप में है और इसी ईसाइ भी सम्मान करते हैं यह मस्जिद 1000 वर्ष इतिहास के साथ यरूशलेम में अल अक्सा मस्जिद के बाद मुसलमानों के लिऐ फ़िलिस्तीन में दूसरी सबसे पवित्र जगह है.
पैगम्बर इब्राहिम (अ.स)मस्जिद1994 में मुसलमानों के नरसंहार जिसमें 29 लोग मारे गए थे और 159 लोग घायल हुऐ थे के बाद यहूदियों द्वारा दो भागों में विभाजित कर दी गयी थी.और उस समय से अब तक यहूदियों ने बार बार इस मस्जिद में मुसलमानों के अधिकारों पर हमला किया है और यहूदी अवकाश के बहाने को मुसलमानों के लिए उस में नमाज़ व प्रार्थना को बंद किया है और इसी तरह शाम और रात अज़ान देने से भी मना किया है.
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