ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) समाचार एजेंसी नून के हवाले से, सऊदी अरब ने ऑस्ट्रिया और स्पेन के साथ 13 अक्टूबर को इस केन्द्र के उद्घाटन समझौते पर हस्ताक्षर किए थे,जबकि कुछ समूहों विशेष रूप से ऑस्ट्रियाई राजनेताओं ने आले सउद की इस कार्रवाई का विरोध करने की घोषणा की और यह विरोध प्रदर्शन उसी तरह जारी है.
"अल्फ़ कोरून" ऑस्ट्रियन ग्रीन पार्टी के प्रतिनिधि ने इस बारे में कहा कि वियना में सऊदी अरब द्वारा धार्मिक वार्ता केंद्र खोलना केवल एक ऐसी कार्वाई है जिस से सऊदी अरब जनता की राय में अपने को मानव अधिकारों के क्षेत्र में सक्रिय देश के रूप में पहचनवाना चाहता है.
Kvrvn ने जारी रखते हुऐ कहा: सऊदी अरब किसी भी प्रकार की धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ है और इस देश के प्रयास, धर्म की बातचीत के रास्ते खोलने में सच्चे नहीं हो सकते.
यह उस हाल में होरहा है कि "सउद अल फैसल" सऊदी विदेश मंत्री ने इस बारे में कहा है: सऊदी अरब अपने मिशन को संचालित करने के क्रम में सेंटर के लिए सभी आवश्यक सुविधाओं को प्रदान करेगा.
"अहमद तय्यब"शेख अल अजहर,ने भी इस से पहले वियना में सऊदी द्वारा धार्मिक वार्ता केंद्र की स्थापना की आलोचना की थी और ऑस्ट्रियाई विदेश मंत्री के अप्रैल में काहिरा यात्रा के समय चेतावनी दी थी, कि सउदी अरब को इस तरह का अवसर प्रदान करने से बचें, क्योंकि हर कोई जानता है सऊदी अरब पूरी दुनिया में केवल वहाबियत के प्रसार के फ़िराक़ में रहता है.
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