ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) शाखा इस्लामी संस्कृति और संबंध संगठन, हज़रत Masumeh (स.) की पुण्यतिथि की वर्षगांठ अवसर पर उपग्रह चैनल सिरात लेबनान ने आप की सम्माननीय व्यक्तित्व के विषय पर मोहम्मद हुसैन रईस ज़ादह लेबनान में हमारे देश के सांस्कृतिक विमर्श के साथ एक साक्षात्कार किया.
इस साक्षात्कार में जो 28 फ़रवरी को किया गया, रईसज़ादह ने हज़रत फ़ातिमा की सम्माननीय अस्तित्व व्यक्तित्व के चरित्र को परिचित कराते हुऐ विशेष रूप से आप के जन्म के समय और स्थान, शीर्षक व स्थिति के विषय में जानकारी दी.
उन्होंने मासूमा के लक़ब जो इमाम रज़ा (अ.स.) द्वारा उन्हें दान किया गया था, की ओर इशारा करते हुऐ बताया: कि मासूम से नक़्ल ज़ियारत नामा पैगंबर (PBUH) और इमामों (स.) की लड़कियों और पोतियों में केवल हज़रत फातिमा ज़हरा (स.) और हजरत Masumeh (स.) के बारे में दर्ज किया गया है.
रईसज़ादह ने साक्षात्कार के दूसरे भाग में हज़रत मासूमा(स.)की ईरान यात्रा के कारणों को बताया और कहाःअगर चे यह यात्रा अपने भाई इमाम रज़ा (अ.स.) की मुलाक़ात के लिऐ थी लोकिन वास्तव में शियाओं की मौजूदगी की भौगोलिक तब्दीली और शियों के लिए एक केन्द्र की स्थापना के उद्देश से थी ता कि यह क्षेत्र सच्चे मोहम्मदी इस्लाम के प्रकाशन का बेस हो जैसा कि ईरान की वर्तमान स्थिति एक शिया केंद्र के रूप में और विभिन्न मदरसों विशेष कर हौज़ऐ इल्मियह Qom का अस्तित्व हज़रत मासूमा(स.)की ईरान यात्रा का फल है.
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