ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) वेबसाइट altwafoq के हवाले से,अल अजहर विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसरों ने वहाबी नेटवर्क अल मज्द के एक कार्यक्रम में शिया और सुन्नी मुसलमानों के बीच हिजाब पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी को मुसलमानों के बीच नफ़रत और राजद्रोह की आग को उत्तेजित करने की कोशिश बताया है.
अल अजहर के प्रोफ़ेसरों ने बल दियाः नेटवर्क अल मज्द को हिजाब के प्रति इस्लाम के दृष्टकोण को ब्यापक रूप में बताना चाहिऐ था ना कि शिया और सुन्नी मुसलमानों के बीच मुक़ाबला करके इस्लामी उम्मा में नफ़रत पैदा करे.
मोहम्मद Aldsvqy, अल-अजहर विश्वविद्यालय में इस्लामी शरीयत कालेज के प्रोफेसर ने इस बारे में कहाः उपग्रह नेटवर्क लोगों को एक शब्द के चारों ओर जमा करे ना कि उनके बीच विभाजन का सबब.
शेख महमूद Ashour, अल-अजहर विश्वविद्यालय के पूर्व उपाध्यक्ष न भी धार्मिक निरक्षरता, मुसलमानों के बीच खाई पैदा करना और इस्लामी दुनिया में उदारवादी धार्मिक संस्थाओं की गतिविधियों को कमजोर करना अतिवादी धार्मिक नेटवर्क की उपस्थिति का कारण बताया और शिया और सुन्नी के बीच धार्मिक संकट पैदा करने की साज़िश पर चेतावनी दी.
987575