ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) के "केंद्रीय एशिया" क्षेत्र की रिपोर्ट के अनुसार, ताजिकिस्तान के शहर "वहदत" की अदालत ने मोहर्रम और आशूरा के कार्यक्रमों का आयोजन करने वाली जामा मस्जिद "तोरह जानज़ादा" पर शियों के धार्मिक कार्यक्रमों का प्रचार करने के आरोप में नमाज़ जुमा सहित हर प्रकार की सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियों पर पाबंदी लगा दी है.
प्रसिद्ध ताजक आलिमे दीन और पूर्व क़ाजी "हाजी अकबर तोरह जानज़ादा" ने अदालती आदेश पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया है कि उक्त अदालत ने दर्ज शिकायत की निष्पक्ष जांच नहीं की और देश में धार्मिक मामलों के लिए स्थापित समिति के दृष्टिकोण का रक्षा की है.
उनके अनुसार यह मानव इतिहास की पहली घटना है कि जो सरकारी संगठन की ओर से अल्लाह के घर पर ताले लगा दिए गए हैं.
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