ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) के अभियान रिपोर्टर मदीना Mnvrh के अनुसार,इस सभा में Hojjatoleslam Samadi, हौज़े व कालेज के अध्यापक,ने पैगंबर मोहम्मद (PBUH) की हदीस का जिक्र करते हुऐ, कहा: उन्होंने कहा कि रजब मेरी उम्मत के क्षमा का महीना है, अधिक क्षमा मांगो अल्लाह से अपनी बिताई उम्र पर और भविष्य के लिऐ रत्क्षा की प्रार्थना करो.
Samadi ने कहा कि मनुष्य के लिऐ कभी समय व स्थान तौबा के उप्लब्ध होजाते हैं आप लोग रजब महीने और मदीनतुन्नबी स. में तौबा के लिऐ आऐ हैं भगवान हर जगह तौबा क़ुबूल करता है अगर शराएत के साथ हो लेकिन कुछ स्थानों के विशष दर्जा प्राप्त है.
Samadi ने ऐक दूसरी हदीस की ओर इशारा करते हुऐ कहाः हदीस में आया है कि जो शख़्स सुतूने तौबा पर दो रकत नमाज़ पढ़ कर तौबा करे अवश्य क़ुबूल होगी.
भीउन्होंने इस आयत وَمَا أَرْسَلْنَا مِن رَّسُولٍ إِلاَّ لِیُطَاعَ بِإِذْنِ اللّهِ وَلَوْ أَنَّهُمْ إِذ ظَّلَمُواْ أَنفُسَهُمْ جَآؤُوكَ فَاسْتَغْفَرُواْ اللّهَ وَاسْتَغْفَرَ لَهُمُ الرَّسُولُ لَوَجَدُواْ اللّهَ تَوَّابًا رَّحِيمًا» की ओर इशारा करते हुऐ कहाः कि ख़ानदाने अहलेबैत करम का परिवार है पैगंबर ने कभी किसी को दरवाजे से निराश नहीं वापस भेजा, कभी कभी भी तो अपने वस्त्र दे देते और प्रार्थना के लिऐ कोई लिबास न होता.
samadi ने कहा:हदीस में है यदि कोई एक बार नबी को सलाम करे तो वे इस को 10 बार सलाम करते हैं इस लिऐ इस माहौल में अल्लाह, पैगंबर (PBUH) और अहलेबैत के लिए आभारी होना चाहिए,
उन्हों ने अपने भाषण के दूसरे भाग में हज़रत Zainab (स.)के जीवन की ओर इशारा करते हुऐ कहाःआपने 6 भाइयों और दो बेटों तथा भाइयों के बच्चों का दुख सहा लेकिन संवेदना के बजाऐ ख़ैमों में आग लगाई गई.
IQNA रिपोर्ट के अनुसार, कार्यक्रम के अंत में हजरत Zeinab (स.) के दु: ख में मद्दाहे अहलेबैत सादिक़ी ने मरसिया पढ़ा.
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