IQNA

12:59 - June 10, 2012
समाचार आईडी: 2343454

आले-खलीफा बहरीन में राष्ट्रीय मानवाधिकार फोरम को भंग करने की कोशिश में हैः

अंतरराष्ट्रीय समूह: बहरीनी शियाओं के आध्यात्मिक नेता ने 8 जून को, जमीअते इस्लामी "अमल" बहरीन के न्यायिक परीक्षण को आले-खलीफा द्वारा, इस देश में राष्ट्रीय मानवाधिकार फोरम को भंग करने की कोशिश में ऐक प्रयास बताया.

ईरानी कुरान समाचार एजेंसी(IQNA) बहरीन में प्रिंट समाचार पत्र "अल-वसत» के हवाले से, अयातुल्ला शेख ईसा Qassim, मनामा बहरीन की राजधानी के निकट Aldraz क्षेत्र की मस्जिद इमाम Sadeq(अ.)के शुक्रवार उपदेशक, ने कहा: जमीअते इस्लामी "अमल" बहरीन का न्यायिक परीक्षण मस्जिदों के विनाश और अन्य संगठनों को बंद और गतिविधियों को निलंबित करने की धमकी देने तथा राजनीतिक दलों के लाइसेंस रद्द करने के क्रम में किया जा रहा है.
अयातुल्ला कासिम ईसा ने आगे कहा: हम लोकतंत्र के बिना देश में रहते हैं,कि जहां लोगों पर हुक्म जारी करने का अधिकार सत्तारूढ़ व हाकिम को है केवल बात,दृष्ट और नज़र सिर्फ हाकिम की सुनी जाती है.
अंत में, उन्हों ने मिस्र में असाधारण स्थिति के उन्मूलन करते हुऐ कहाः, मिस्र में 30 साल से यह क़ानून सत्तारूढ़ शासन की सेवा कर रहा था जिसने विपक्षियों से जेलों को भर दिया था और निर्दोष लोगों को क्रूर फांसी व मानव रक्त बहाने का कारण बना था, लेकिन क्या मिस्र की सरकार को गिरने से बचा लिया?
यह याद रहे, अल खलीफा शासन ने इससे पहले जमीअते इस्लामी "अमल" के कार्यालयों को बंद करने के लिए न्यायिक कोर्ट में याचिका दायर की थी कि विपक्षी दलों के स्पष्ट विरोध का सामना करना पड़ा था.
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