ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) ने "सौतुल इराक़" नेटवर्क से नक़्ल किया है कि हौज़ ए इल्मिया नजफ़ के प्रमुख आलिमे दीन शिया इतिहासकार आयतुल्लाह शरीफ़ क़रशी की तशयि जनाज़ा में सैंकङो लोगों ने भाग लिया और उन्हें इमाम हसन'' अ 'लाइबेरिया में दफ़्न कर दिया गया. तशयि जनाज़ा में नजफ़े अशरफ़ की राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक हस्तियों के अलावा नजफ़ के सरकारी पद अधिकारियों ने भी भाग लिया है.
अल्लामा करशी 1933 में पैदा हुए. बीसों पुस्तकों के लेखक थे, उन्हों ने अइम्मऐ अहले बैत की जीवनी के बारे में इन्साइक्लो पीडीया 40 जिल्दों में संकलन किया है. उसके अलावा नजफ़े अशरफ़ में विशाल लाइबेरी इमाम हसन'' अ'' के नाम से बनाई है. जिसमें बड़ी कीमती ख़त्ती नुस्ख़ों की किताबें हैं.
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