IQNA

13:52 - July 06, 2012
समाचार आईडी: 2361898

इस्लामी सहयोग संगठन ने माली गणराज्य में पूजा स्थानों पर सलफ़ियों के हमले की निंदा की

अंतरराष्ट्रीय समूह: इस्लामी सहयोग संगठन ने, 3 जुलाई को, एक बयान जारी करके "अंसार दीन" नामक Salafi समूह द्वारा शहर Timbuktu एक मस्जिद पर हमले की निंदा की.

ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) वेबसाइट «ओसीआई» के हवाले से, इस्लामी सहयोग संगठन ने इस बयान में उग्रवादी समूह अंसार दीन द्वारा पवित्र इस्लामी स्थानों के विनाश और SEYED याह्या मस्जिद पर हमले के संबंध में चेतावनी देते हुऐ कहा: माली के बाबरकत और प्राचीन स्थान इस्लामी विरासत का हिस्सा हैं और अतिवादी समूहों को यह अधिकार नहीं है कि धर्म के नाम पर इन प्रभावों को खत्म करदें.
इस बयान में जोर दिया गया है इस्लामी सहयोग संगठन पूरी तरह से माली सरकार की इन कार्यों के अपराधियों के खिलाफ की कार्वाई का समर्थन करता है और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से इस बहुमूल्य इस्लामी काम की रक्षा करने के लिऐ जरूरी कदम उठाने का आग्रह करता है.

Timbuktu, प्राचीन स्थानों जैसे मस्जिदों और कब्रिस्तान के अलावा, 100 हजार प्राचीन पांडुलिपियों की रक्षा का स्थान है, जिनकी क़िदामत 12 वीं सदी तक पहुंचती है और ज्यादातर यह सारे काम घर या धार्मिक विद्वानों से संबंधित निजी पुस्तकालयों में आयोजित हैं.
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