ईरानी क़ुरान समाचार एजेंसी (IQNA) ने सऊदी अरब से प्रकाशित होने वाले अखबार (अलवतन) के हवाले से नक़्ल किया है. शेख़ हुसैन बिन अब्दुल्ला रजब पचास साल से अधिक मस्जिदे नबवी में अज़ान कहते रहे हैं और 85 साल की उम्र में मृत्यु पाई . शेख़हुसैन बिन अब्दुल्ला मस्जिदे नबवी के वह मुअज़्ज़िन हैं जिन्होंने 30 साल तक पयाम्बर इस्लाम (स.) के मरक़द के सामने अज़ान कही है.
रिपोर्ट के अनुसार 7 जुलाई को मस्जिद नबवी में नमाज़ जनाज़े के बाद उन्हें बक़ीय के कब्रिस्तान में दफन कर दिया गया.
शेख़ हुसैन बिन अब्दुल्ला रजब 1348 हिजरी में मदीना में पैदा हुए और अपनी शिक्षा इसी शहर में पूरी की और 1385 हिजरी में आधिकारिक तौर पर मस्जिदे नबवी के मुअज़्ज़िन नियुक्त हुए थे.
1047449