शेख मोहम्मद अब्दुल हलीम मोहम्मद सुलेमान, मोहम्मद अब्दुल हलीम नसरल्लाह के रूप में जान्ने जाने वाले, मिस्री कारी और धार्मिक मामलों के मंत्रालय के मुअज़्ज़िन ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) के साथ साक्षात्कार में इस बयान के साथ कहाः ईरान में इस्लामी क्रांति के सुप्रीम नेता के साथ हमारी एक मुलाक़ात थी और इन्हों ने बहुमूल्य बयानात पेश किऐ मुझे लगता है कि भाषण की ईमानदारी इन बयानों की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता है और यही ईमानदारी थी कि मैं बेसब्री से अयातुल्ला Khamenei [मद्दाज़ि.]के भाषण को सुनता रहा और इनके शब्दों में खोगया.
शेख मोहम्मद अब्दुल हलीम मोहम्मद सुलेमान ने आगे कहाः हज़रत अयातुल्ला Khamenei ने ईरान व मिस्र के दोबारा संबंधों के बहाल होने पर बल दिया,यह ऐसा मुद्दा है कि जिसका हम स्वागत करते हैं और उसके वजूद लाने में अपने सारे प्रयास लगाऐंगे इस लिऐ कि हम सब उम्मते इस्लाम का अंग हैं और कुरान की प्रति रक्षक और हम साझा लक्ष्यों का पालन कर रहे हैं.
मिस्र के मुअज्जिन ने कहा कि ईरान द्वारा मिस्री Reciters और हाफ़िज़ों को इस देश में आमंत्रित करना उपयोगी कार्रवाई है जिसके फल और परिणाम निकट भविष्य में देखने को मिलेंगे ऐसे परिणाम कि दोनों देशों के फायदे में होंगे.
शेख मोहम्मद अब्दुल हलीम मोहम्मद सुलेमान ने ईरान में बीसवीं अंतरराष्ट्रीय क़ुरान प्रदर्शनी के बारे में इस तरह टिप्पणी कीःयह प्रदर्शनी अपने आप में बहुत ख़ूबसूरत और ध्यान खींचने वाली है और विशेष उप्लब्धियां रखती है कि भविष्य में इस्लामी गण्यराज्य ईरान की क़ुरानी गतिविधियों में प्रभावशाली होंगी.
उन्हों ने अंत में इस्लामी गणतंत्र ईरान और हमारे देश में उनकी उपस्थिति के लिए आवश्यक समन्वय करने वाले ताजूद्दीन हिलाली ऑस्ट्रेलिया के पूर्व मुफ्ती और मिस्री Reciters और अभिभावकों के प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष की प्रशंसा करते हुऐ कहाःहम वास्तव में मिस्र के राजदूत हैं, कि जब हम अपने देश वापस होंगे तो ईरान के क़ुरानी अनुभवों को मिस्र के नागरिकों के साथ स्थानांतरित करेंगे.
उल्लेखनीय है, मिस्री Reciters और संरक्षकों व आशिक़ों का 77 सदस्यीय बोर्ड जो इस्लामी संस्कृति और संबंध संगठन के संस्कृतिक उपाध्यक्ष की कुरआनी शिक्षाओं और धार्मिक मामलों की समिति के सहयोग से ईरान की यात्र पर आया था 25जुलाई को IQNA एजेंसी का दौरा किया और मीडिया की गतिविधियों से निकट से परिचित हुऐ.
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