IQNA

5:53 - July 29, 2012
समाचार आईडी: 2379444

क्रांतिकारियों की मांगों के मनवाने का एकमात्र रास्ता प्रतिरोध के साथ जूड़े रहना

अंतरराष्ट्रीय समूह: 27 जुलाई को आयतुल्लाह शेख़ ईसा कासिम ने मनामह में नमाज़ शुक्रवार के ख़ुत्बों के दौरान जोर दिया है कि बहरीनी क्रांतिकारियों की मांगों के मनवाने का एकमात्र रास्ता प्रतिरोध के साथ जूड़े रहना और अपने वैध अधिकारों तक पहुँच के लिए लगातार कोशिश करना है.

ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) ने लेबनान के रेडियो नूर की वेब साइट के हवाले से नक़्ल करते हुए कहा है कि मनामह के शुक्रवार वक्ता और बहरीनी शियों के नेता (आयतुल्लाह शेख़ ईसा कासिम) ने विचार व्यक्त किया कि बहरीनी जनता जो विभिन्न प्रकार के अत्याचार और हिंसा का सामना कर रही है, अपने वैध अधिकारों तक पहुँच के लिए लगातार कोशिश और प्रतिरोध के साथ जूड़े रहने को अपना आदर्श क़रार देती है.
उन्होंने कहा कि बहरीनी जनता इस बात को समझती है कि प्रतिरोध के रास्ते पर सब्र और स्थायित्व ही ऑले ख़लीफ़ा की जालिम सरकार से छुटकारे का कारण बनेगी और अत्याचार के सामने झुक जाना स्वतंत्रता तक पहुंचने की सभी उम्मीदों को धूल में मिला सकता है.
1063938
captcha