IQNA

11:06 - September 02, 2012
समाचार आईडी: 2403169

फिलिस्तीन पर क़ब्ज़ा और यहूदी शासन के जारी अत्याचार, मध्य पूर्व में संकट की मुख्य वजह

राजनीतिक समूह:16वें गुटनिरपेक्ष आंदोलन के शिखर सम्मेलन के समापन बयान में फिलिस्तीन के कब्जे और मक़्बूज़ह क्षेत्रों में यहूदी शासन के अपराधों को मध्य पूर्व में संकट का मुख्य कारण कहा गया है.

ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) 16 गुटनिरपेक्ष आंदोलन के सदस्य देशों का शिखर सम्मेलन 31 अगस्त रात को एक बयान जारी करने के साथ समाप्त हो गया.
इस अंतिम बयान का शारांस इस तरह है.
यह बयान ग्यारह फसलों पर शामिल है जिस में विभिन्न समस्याओं जैसे दुनिया के राजनीतिक और आर्थिक समस्याओं, फ़िलिस्तीन, शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु ऊर्जा से लाभ लेने के अधिकार और दुनिया में स्थायी शांति की स्थापना जैसे विषय और मुद्दों को शामिल किया गया है बयान को बैठक में शामिल सभी देशों की समानान्तर रूप से मान्यता प्राप्त है.
इस बयान में इसी तरह सभी देशों की भागीदारी से विश्व व्यवस्था चलाने के लिए प्रभावी, पारदर्शी, व्यापक और निष्पक्ष प्रणाली के गठन पर जोर दिया गया है जो सभी देशों के हितों को शामिल हो- बयान में कहा गया है कि फ़िलिस्तीनी ज़मीन पर कब्जा और सह्योनी सरकार के लगातार हमले और अपराध मध्य पूर्व क्षेत्र में संकट का मुख्य कारण है और इस संकट के समाधान के लिए आवश्यक है कि फ़िलिस्तीनी ज़मीन पर गासिबाना कब्जा खत्म हो, फिलिस्तीनी जनता के समाजिक अधिकार की बहाली और एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना हो जिस की राजधानी बैतुल मुक़द्दस हो.
गुटनिर्पेक्ष आंदोलन के 16वें शिखर सम्मेलन के बयान में जोर देकर कहा गया है कि मानव अधिकारों के मुद्दे, निर्माणक सहयोग और सिद्धांत, निष्पक्ष, ग़ैर जानिब्दाराना, संतुलित, स्पष्ट और हर तरह के राजनीतिक भूमिका से दूर होने जैसे सिद्धांतों पर आधारित होना चाहिए.
इस बयान में परमाणु हथियारों को मानवता के लिए बहुत बड़ा खतरा बताया गया था और कहा गया है कि जिन देशों के पास परमाणु हथयार मौजूद हैं उन्हें चाहिए कि वह एनपीटी समझौते के तहत अपने वादे पर अमल करते हुऐ उन को एक निश्चित व्यवस्था के तहत ख़त्म करदें.
तेहरान में गुटनिर्पेक्ष आंदोलन के 16वें शिखर सम्मेलन के बयान के अनुसार दुनिया के सभी देशों को शांतिपूर्ण परमाणु प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के पक्ष से लाभ लेने का मौका मिलना चाहिए जिसमें किसी भी तरह भेदभाव और ऊंच नीच न हो.
इस बयान में इसी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु प्रौद्योगिकी से ईरान के लाभ लेने के अधिकार का भी समर्थन किया गया है.
बयान में कहा गया है कि इस हवाले से ईरान के अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए,साथ ही बयान में जोर देकर कहा गया है कि शांतिपूर्ण परमाणु गतिविधियों को भी सुरक्षा प्राप्त होना चाहिए और शांतिपूर्ण परमाणु या निर्माणाधीन परमाणु पर किसी भी तरह का हमला या धमकी मानव और पर्यावरण के लिए एक खतरा और अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों और कानून और लक्ष्यों तथा आईएईए के नियमों का खुला उल्लंघन है.
गुटनिर्पेक्ष आंदोलन के सदस्य देशों ने इस बात पर भी सहमति जताई है कि किसी भी देश के एकतरफा और सीमाओं से अलग जबरन कानून या सैन्य कार्रवाई का समर्थन और उनके अनुमोदन से कि जिसके परिणाम में दूसरे देशों को धमकी का निशाना बनाया जाता हो या एकतरफ़ा प्रतिबंध लागू किया जाता हो या फिर इस तरह के कदम से दूसरे देशों की संप्रभुता को नुकसान पहुंचता हो और व्यापार और निवेश पर चोट लगती हो, इससे पूरी तरह से बचेंगे और इस तरह के कदम का समर्थन नहीं करेंगे.
तेहरान में गुटनिर्पेक्ष आंदोलन के शिखर सम्मेलन के बयान में कहा गया है कि हर तरह के आतंकवादी क़दम जैसे राज्य आतंकवाद की बेझिझक निंदा की जाएगी और मानवता सोज़ आतंकवादी वारदातों में मारे गए सभी लोगों जैसे ईरान के परमाणु वैज्ञानिकों और उनके परिवार के लिए गहरी सहानुभूति व्यक्त की जाना चाहिए.
तेहरान बैठक में गुटनिर्पेक्ष आंदोलन के सदस्य देशों के प्रमुखों ने जोर देकर कहा कि सदस्य देश बैठक में किए गए निर्णयों पर अमल के लिए अपने सभी संसाधनों और सूत्रों का उपयोग करेंगे और इसी आधार पर गुटनिर्पेक्ष आंदोलन अपने लक्ष्य और उद्देशों को अमली जामा पहनाने में कामयाब हो सकता है.
उल्लेखनीय है कि गुटनिर्पेक्ष आंदोलन का सोलहवां शिखर सम्मेलन गुरुवार को इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाह ख़मेनई के भाषण से शुरू हुआ जो शुक्रवार की रात बयान जारी करके खत्म हो गया
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