अंतरराष्ट्रीय समूह: प्रोफेसर इब्राहिम मूसा, नोट्रे डेम विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय शांति अध्ययन के लिए संस्थान में इस्लामिक स्टडीज के प्रोफेसर का विश्वास है, उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई में सार्वजनिक शिक्षा के माध्यम से इस्लाम की गहरी समझ की आवश्यकता है.

अंतर्राष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) समाचार «राक्यत पोस्ट»के हवाले से, मूसा ने कल 6 दिसंबर को मलेशिया में चरमपंथ से लड़ने के लिए सम्मेलन में इस मतलब को बयान करते हुए कहाः कि लोगों को इस पवित्र आसमानी धर्म के संबंध में व्यापक और गहरी समझने की जरूरत है.
इब्राहिम मूसा ने इसी तरह बल दियाः मुसलमानों को किसी भी सूरत में ऐसी कार्रवाई के मुक़ाबले में जो प्रेम, मोहब्बत और इस्लामी दोस्ती मानदंडों के खिलाफ हो, उपेक्षा नहीं करनी चाहिए.
उन्होंने कहाः कि मलेशिया इस्लाम के विकासशील देशों के लिए एक मॉडल के रूप में था यदि अतिवाद को सीमित नहीं किया,तो यह मुद्दा समाज के गरेबान को पकड़ लेगा.
इस सम्मेलन में इसी तरह कुरानी आयतों की तफ़्सीर में रीतिवाद और ज़ाहिर दारी से बचने के लिए आवश्यकता पर बल दिया गया है.
2615861