IQNA

18:07 - January 20, 2015
समाचार आईडी: 2736748
जॉर्डन सांसद के प्रतिनिधि ने जोर दिया;

आस्मानी धर्मों के अपमान पर प्रतिबंध लगाने वाले क़ानून बनाने की ज़रूरत

इंटरनेशनल समूहःकल 19 जनवरी को तुर्की की राजधानी इस्तांबुल में इस्लामी संसद के सदस्य महिलाओं के चौथे सम्मेलन में जॉर्डन के प्रतिनिधि ने आस्मानी धर्मों के अपमान पर प्रतिबंध लगाने वाले क़ानून बनाने की ज़रूरत पर बल दिया.

अंतरराष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA), इंटरनेशनल इस्लामिक समाचार एजेंसी (ऐना)के अनुसार, "Faten Khalifan, Erbil" जॉर्डन की प्रतिनिधि ने इस सम्मेलन में जो इस्लामी सहयोग संगठन के सदस्य राज्यों के संसदीय संघ की बैठक के मौके पर आयोजित किया गया था, भाषण के दौरान सभी संसदों से आस्मानी धर्मों विशेष रूप से नब्यों के अपमान को रोकने के हवाले से एक कानून बनाऐ जाने का आग्रह किया और पैगंबरे इस्लाम (PBUH) के अपमान की निंदा पर बयान जारी किया.
सम्मेलन में जॉर्डन के प्रतिनिधि,ने कहाः कि बहुत सी समस्याऐं जो आज इस्लामी दुनिया को घेरे हैं वास्तविक समाधान या न्याय व धर्म की तरफ़ जाने की जरूरत है शब्दों और नारों के बजाय समस्याओं के लिए व्यावहारिक समाधान खोजने का प्रयास करें.
उन्होंने इसी तरह मुस्लिम दुनिया और अरब में, विशेष रूप से अफ्रीकी, फिलीस्तीन और सीरियाई महिलाओं की समस्याओं जिस के नतीजे में युद्ध, गरीबी, आतंकवाद और व्यवसाय, और तरह तरह की समस्याओं व अपमान से प्रभावित हुई हैं की ओर इशारा व बयान कियाः महिला के खिलाफ हिंसा अरबी या इस्लामी घटना नहीं है,बल्कि यह बातें तो विकसित देशों में सौ गुना बदतर और वहशी तर देखी गई हैं.
ख़लीफ़ात ने याद दिलाया: महिलाओं के खिलाफ हिंसा और दमन विशेष रूप से युद्ध के समय अन्य मामलों से बहुत अधिक देखा  जाता है,इस संबंध में इस्लामी देशों को महिलाओं के अधिकारों और नैतिक दायित्व के बारे में ऐक क़ानून जारी करने के साथ न्याय का ऐतेराफ़ और पालन करें.
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