अंतरराष्ट्रीय टीम: पश्चिमी देशों में लोगों द्वारा कुरान का अध्ययन करने की बढ़ती इच्छा के खातिर इस्लाम ऑनलाइन प्रक्षशिण पाठ्यक्रमों के लिए पाकिस्तान एक प्रमुख केंद्र बन गया है
अंतरराष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA)समाचार «एक्सप्रेस ट्रिब्यून» के अनुसार, हजारों किलोमीटर दूरस्थ शिक्षण स्काइपे के रूप में प्रौद्योगिकी का उपयोग के माध्यम से बढ़ रहा है क्योंकि पश्चिम में मस्जिदें और इस्लामी केन्द्र इन बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
उस्मान ज़ुहूर अहमद, ReadQuranOnline वेबसाइट के प्रभारी कहते हैं कि अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन में लोग हमेशा हमसे यही कहते हैं कि हम मस्जिदें रखकते हैं, सुविधाऐं रखकते हैं लेकिन निजी प्रक्षशिण कक्षाऐं नहीं रखते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति में, वे लोग जानना चाहते हैं कि उनके बच्चों को क्या सिखा रहे हैं वे चाहते हैं कि यह शिक्षा घर में और माता-पिता की देखरेख में हो।
अहमद ने अपने प्रशिक्षण केंद्र को आठ साल पहले सिर्फ दो कर्मचारियों और कुछ छात्रों के साथ स्थापित किया था। आज वह 22 शिक्षक हैं जो सभी पूरी रात, 320 छात्रों को जिन में40 प्रतिश अमेरिका में रहने वाले हैं, सिखाते हैं।
शाकिब, अहमद के भाई के अनुसार, जो इन केंद्रों को जो अहमद के घर तहखाने में स्थित हैं चलाने में, मदद करता है, पाकिस्तान में इसके समान 50 से अधिक केंद्र हैं कि उनमें से कम से कम एक हजार से अधिक छात्रों को रखता है।
सफ़ीरर अहमद, 20 वर्षीय और केंद्र में एक शिक्षक का कहना है, मैं ने हाल ही में प्रशिक्षण प्राप्त किया है, लेकिन मैं महसूस करता हूं कि मेरा कर्तव्य है इसे प्रकाशित करने और दूसरों को सिखाने के लिए कोशिश करूं।
अहमद कहते हैं वे लोग 320 छात्रों से 6 से 7 हजार डॉलर मासिक प्राप्त करते हैं और अपने शिक्षकों 100-220 डॉलर का भुगतान करते हैं।
हालांकि ऑनलाइन इस्लामी शिक्षा के केन्द्रों की संख्या बढ़ रही है, अहमद कहते हैं कि उन्हें नहीं लगता है कि यह बढ़ोतरी मुक़ाबले में बदले।
उन्होंने कहा कि 2100 तक दुनिया में लगभग तीन अरब मुसलमान हो जाएंगे जो हमारे बाजार को बनाते हैं। आप सभी की जरूरत एक कंप्यूटर, माइक्रोफोन, हेडसेट और स्काइपे है।
शौकतुल्लाह खट्टक, पश्चिमोत्तर पाकिस्तान में एक धार्मिक मदरसे के मालिक हैं इन गतिविधि के साथ संतोष व्यक्त करते हुऐ कहते हैं कि ऑनलाइन कुरान अकादमियां एक अच्छी सेवा देती हैं और पश्चिम में बच्चे इन चीज़ों की इच्छा अधदिक रखते हैं।